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पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के घर पर सीबीआई की छापेमारी

रायपुर/नयी दिल्ली. केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने कथित तौर पर 6,000 करोड़ रुपये के महादेव ऐप घोटाले के सिलसिले में बुधवार को छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के आवास पर छापेमारी की. अधिकारियों ने यह जानकारी दी. अधिकारियों ने बताया कि सीबीआई की टीमों ने रायपुर और भिलाई में बघेल के आवास के साथ-साथ कुछ वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों और पूर्व मुख्यमंत्री के एक करीबी सहयोगी के आवासीय परिसरों पर भी छापे मारे.

बघेल के कार्यालय ने ‘एक्स’ पर लिखा, ”अब सीबीआई आई है. आगामी आठ और नौ अप्रैल को अहमदाबाद (गुजरात) में होने वाली एआईसीसी की बैठक के लिए गठित ‘ड्राफ.्टिंग कमेटी’ की बैठक के लिए आज पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का दिल्ली जाने का कार्यक्रम है. इससे पहले सीबीआई रायपुर और भिलाई निवास पहुंच चुकी है.” कांग्रेस ने कहा कि बघेल के आवासों पर सीबीआई की तलाशी राजनीति से प्रेरित है और वह इस तरह की कार्रवाई से डरने वाली नहीं है. सूत्रों ने बताया कि दुर्ग जिले के भिलाई शहर में कांग्रेस विधायक देवेंद्र यादव के परिसरों और आईपीएस अधिकारियों आनंद छाबड़ा, अभिषेक पल्लव और आरिफ शेख सहित अन्य के परिसरों पर भी तलाशी ली गई.

सीबीआई प्रवक्ता ने एक बयान में कहा, ”महादेव बुक ऑनलाइन सट्टेबाजी घोटाले की जांच में, केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) आज छत्तीसगढ़, भोपाल, कोलकाता और दिल्ली में 60 स्थानों पर तलाशी ले रहा है, जिसमें राजनीतिक नेताओं, वरिष्ठ नौकरशाहों, पुलिस अधिकारियों, महादेव बुक के प्रमुख पदाधिकारियों और मामले में शामिल होने के संदिग्ध अन्य निजी व्यक्तियों से जुड़े परिसर शामिल हैं.” एजेंसी ने कहा कि यह मामला महादेव बुक के अवैध संचालन से संबंधित है, जो वर्तमान में दुबई में रह रहे रवि उप्पल और सौरभ चंद्राकर द्वारा प्रर्वितत एक ऑनलाइन सट्टेबाजी मंच है.

बयान में कहा गया, ”जांच से पता चला है कि प्रवर्तकों ने अपने अवैध सट्टेबाजी नेटवर्क का सुचारू और निर्बाध संचालन सुनिश्चित करने के लिए लोकसेवकों को ‘संरक्षण धन’ के रूप में कथित रूप से बड़ी रकम का भुगतान किया.” इसमें कहा गया कि तलाशी अब भी जारी है और इस दौरान अभियोजन योग्य डिजिटल एवं दस्तावेजी साक्ष्य पाए गए जिन्हें जब्त कर लिया गया. राज्य सरकार ने पिछले साल कथित महादेव घोटाले के संबंध में विभिन्न थानों में दर्ज 70 मामले और राज्य में आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (ईओडब्ल्यू) में दर्ज एक मामला सीबीआई को सौंप दिया था.

ईओडब्ल्यू द्वारा दर्ज प्राथमिकी में पूर्व मुख्यमंत्री बघेल के साथ महादेव ऐप के प्रवर्तक रवि उप्पल, सौरभ चंद्राकर, शुभम सोनी और अनिल कुमार अग्रवाल तथा 14 अन्य को आरोपी बनाया गया था. मामले की जांच कर रहे प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने भी आरोप लगाया है कि उसकी जांच से छत्तीसगढ़ के कई शीर्ष राजनीतिक नेताओं और नौकरशाहों की संलिप्तता का पता चला है. ईडी ने पहले कहा था कि इस मामले में अपराध की अनुमानित आय लगभग 6,000 करोड़ रुपये है.

कांग्रेस की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष दीपक बैज ने एक पोस्ट में कहा, ”तमाम असफल छापों और नाकाम साजिशों के बाद, अब भाजपा ने सीबीआई को भूपेश बघेल और देवेंद्र यादव के पीछे लगा दिया. आज सुबह से ही सीबीआई हमारे दोनों नेताओं के घर पर जमी हुई है, लेकिन ये सत्ता की हताशा के सिवाय कुछ नहीं. लेकिन याद रखो – न कांग्रेस झुकेगी, न कांग्रेस रुकेगी. ये लड़ाई सिर्फ नेताओं की नहीं, हर उस सच्चाई की है जिसे सत्ता के दम पर कुचलने की कोशिश हो रही है. भाजपा याद रखे – सत्य झुकता नहीं, और अन्याय का अंत निश्चित है….” कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव ने कार्रवाई की निंदा की तथा कहा कि केंद्रीय एजेंसियां बघेल को परेशान करने की कोशिश कर रही हैं.

सिंहदेव ने कहा, ”बार-बार छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को एजेंसियों द्वारा परेशान किया जाना बेहद निंदनीय है. ये केवल भूपेश जी की छवि को खराब करने की भाजपा की नाकाम कोशिश है. प्रदेश की भाजपा सरकार शासन में असमर्थ साबित हो रही है, इसीलिए जनता से जुड़े मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए ऐसे प्रयास कर रही है.” उन्होंने कहा, ”पहले ईडी फिर सीबीआई- जांच एजेंसियों को भाजपा की बी टीम बनकर काम करने से फुर्सत ही नहीं है. यह स्पष्ट हो गया है कि केंद्रीय एजेंसी केवल विपक्षी नेताओं को धमकाने और परेशान करने का हथियार बन गई हैं. भाजपा द्वारा राजनीतिक द्वेष से की जा रही यह कार्रवाई लोकतंत्र का हनन है.”

प्रदेश कांग्रेस संचार शाखा के प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला ने इस कार्रवाई को लेकर भाजपा की आलोचना की और दावा किया कि सत्तारूढ़ पार्टी बघेल से डरी हुई है. शुक्ला ने कहा, ”जब से बघेल पंजाब के पार्टी प्रभारी बने हैं, तब से भाजपा डरी हुई है. पहले उनके आवास पर प्रवर्तन निदेशालय भेजा गया और अब सीबीआई भेजी गई है. इससे भाजपा का डर पता चलता है.”

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