छत्तीसगढ़मुख्य समाचार

बस्तर के कई मतदान केंद्रों पर ग्रामीणों ने पहली बार पंचायत चुनाव में मतदान किया : साय

रायपुर. छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि राज्य में सोमवार को हुए पंचायत चुनाव के पहले चरण में लोकतंत्र ने ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है और नक्सल प्रभावित बस्तर क्षेत्र के कई मतदान केंद्रों पर ग्रामीणों ने कई दशकों के बाद पंचायत चुनाव में पहली बार मतदान किया. त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव का पहला चरण सोमवार को छत्तीसगढ़ के सभी 33 जिलों के 53 विकासखंडों में शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ.

सात जिलों वाले बस्तर संभाग में नक्सली खतरे के कारण मतदान का समय सुबह 6.45 बजे से अपराह्न दो बजे तक और अन्य जगहों पर सुबह सात बजे से अपराह्न तीन बजे तक था. पंचायत चुनाव पार्टी आधार पर नहीं होते हैं. साय ने एक बयान में कहा, ”छत्तीसगढ़ में त्रि-स्तरीय पंचायत निर्वाचन के प्रथम चरण में लोकतंत्र ने एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है. बस्तर संभाग, जो दशकों तक नक्सलवाद के साए में रहा, अब लोकतंत्र के उजाले की ओर बढ़ रहा है. सुकमा और बीजापुर जिले के अनेक मतदान केंद्रों पर पहली बार अनेक दशकों के बाद ग्रामीण पंचायत चुनाव में मतदान कर रहे हैं.”

मुख्यमंत्री ने कहा, ”बस्तर में जनता ने विकास का मार्ग चुना है और हिंसा को बाहर का रास्ता दिखाया है. यह परिवर्तन राज्य और केंद्र सरकार की दृढ़ इच्छाशक्ति, सतत विकास कार्यों और सुदृढ़ सुरक्षा व्यवस्था का परिणाम है. यह केवल एक चुनाव नहीं, बल्कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में लोकतंत्र के प्रति बढ़ते विश्वास और भयमुक्त समाज की दिशा में बढ़ते कदमों का प्रमाण है.” उन्होंने कहा, ”बस्तर में पंचायत चुनावों का नक्सलियों द्वारा कोई विरोध नहीं किया जाना क्षेत्र में 40 से अधिक नवीन सुरक्षा शिविरों की स्थापना और सरकार द्वारा ग्रामीणों में विश्वास बहाल करने की रणनीति का परिणाम है.

उल्लेखनीय है कि बस्तर में नक्सली कमांडर हिड़मा के गांव पूवर्ती में भी इस बार ग्रामीण मतदान के लिए उत्साहित हैं. यह एक ऐतिहासिक बदलाव है और लोकतांत्रिक मूल्यों की जीत को दर्शाता है. राज्य में मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी, दंतेवाड़ा और गरियाबंद जिलों में भी मतदान को लेकर जबरदस्त उत्साह देखा गया. बीजापुर के पुसनार, गंगालूर, चेरपाल, रेड्डी, पालनार जैसे क्षेत्रों में ग्रामीणों ने निर्भीक होकर मतदान किया.”

साय ने कहा, ”बस्तर में नक्सलवाद के खात्मे की प्रक्रिया अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच चुकी है. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के संकल्प के अनुरूप मार्च 2026 तक छत्तीसगढ़ को नक्सलवाद से मुक्त करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है. राज्य सरकार बस्तर के नागरिकों को विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और बुनियादी सुविधाओं से जोड़ने के लिए संकल्पित है. बस्तर में सड़कें, पुल, स्कूल, अस्पताल और रोजगार परियोजनाओं को प्राथमिकता दी जा रही है, जिससे ग्रामीणों का शासन और लोकतंत्र पर विश्वास बढ़ा है.” मुख्यमंत्री ने इस उपलब्धि पर कहा कि बस्तर में ‘गनतंत्र’ के ऊपर गणतंत्र की विजय हो रही है. यह उन सभी ग्रामीणों की जीत है, जिन्होंने भय को त्याग कर लोकतंत्र को अपनाया. यह सुरक्षाबलों के परिश्रम, सरकार की दूरदृष्टि और जनभागीदारी का प्रतिफल है.

उन्होंने कहा, ”लोकतंत्र की इस जीत में प्रत्येक नागरिक की भागीदारी महत्वपूर्ण है. छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में भी मतदान प्रक्रिया का सफल और शांतिपूर्ण आयोजन यह साबित करता है कि लोकतंत्र के प्रति आमजन की आस्था दिनों-दिन मजबूत हो रही है. लोकतंत्र की इस सफलता में हर नागरिक की भागीदारी महत्वपूर्ण है और राज्य के मतदाताओं ने यह दिखा दिया कि वे अपने अधिकारों और जिम्मेदारियों के प्रति पूरी तरह जागरूक हैं.”

राज्य निर्वाचन आयोग के अधिकारियों ने बताया कि पंचायत चुनाव के पहले चरण में 27,210 वार्ड पंच, 3,605 सरपंच, 911 जनपद पंचायत सदस्य और जिला पंचायत सदस्यों के 149 पदों के लिए चुनाव हुए. उन्होंने बताया कि पहले चरण में कुल 57,99,660 मतदाता हैं. जिनमें 28,70,859 पुरुष, 29,28,751 महिलाएं तथा 50 तृतीय लिंग श्रेणी के मतदाता शामिल हैं. मतदान के लिए 9,873 मतदान केंद्र बनाए गए थे.

admin

Vedant Bhoomi is a trusted name in the real estate industry, dedicated to crafting sustainable, elegant, and high-quality living spaces. With a deep understanding of design, nature, and community living, we aim to create projects that inspire a harmonious and fulfilling lifestyle.

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button