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नीतीश कुमार ने JDU उम्मीदवारों को दिया टिकट, BJP से मतभेद की अटकलों के बीच सियासी हलचल तेज

पटना. बिहार में सत्तारू­ढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) में सीट बंटवारे को लेकर असंतोष की अटकलों के बीच मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मंगलवार को जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के उम्मीदवारों को विधानसभा चुनाव के टिकट सौंपे. इस बार पार्टी ने संवाददाता सम्मेलन में नामों की घोषणा की परंपरा को दरकिनार करते हुए सीधे मुख्यमंत्री आवास से टिकट वितरण किया.

इस बीच, जदयू सहयोगी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा)ने अपने 71 उम्मीदवारों की पहली सूची जारी करते हुए कई चौंकाने वाले फैसले किये हैं. उसने मौजूदा विधानसभा अध्यक्ष और सात बार के विधायक नंदकिशोर यादव का टिकट काट दिया गया, जबकि उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को करीब एक दशक बाद प्रत्यक्ष चुनाव में उतारा है.

स्वास्थ्य एवं कानून मंत्री मंगल पांडे, जो अभी विधान परिषद के सदस्य हैं, को भी पार्टी ने विधानसभा चुनाव में प्रत्याशी बनाया है.
भाजपा को पहली बार सीट समझौते में जदयू के बराबर सीटें हैं. वहीं, यह स्पष्ट नहीं हुआ कि मंगलवार को नीतीश कुमार ने कुल कितने जदयू उम्मीदवारों को टिकट दिए. मुख्यमंत्री आवास पर पूरे दिन हलचल रही, जहां टिकट की उम्मीद में बुलाए गए प्रत्याशी आते-जाते रहे.

टिकट पाने वालों में मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव, प्रदेश जदयू अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा (महनार) और बाहुबली नेता अनंत सिंह (मोकामा) जैसे नाम शामिल हैं. इनमें से कई ने नामांकन भी दाखिल कर दिया. दिनभर के घटनाक्रम में एक नाटकीय मोड़ तब आया, जब गोपालपुर के विधायक गोपाल मंडल बिना अनुमति लिए मुख्यमंत्री आवास पहुंच गए. बताया जाता है कि उनकी हरकतों से नाराज. नीतीश कुमार ने उन्हें मिलने से मना किया था.

सुरक्षार्किमयों ने मंडल को जब अंदर जाने से रोका, तो उन्होंने धरना शुरू कर दिया. कई घंटे बाद पुलिस ने उन्हें वहां से हटा दिया.
मंडल का क्षेत्र भागलपुर जिले में आता है, जहां उनका स्थानीय जदयू सांसद अजय मंडल से पुराना विवाद चल रहा है. इसी दौरान अजय मंडल ने भी यह आरोप लगाते हुए इस्तीफे की पेशकश की कि उनके क्षेत्र में टिकट उनकी सलाह के बिना बांटे जा रहे हैं.

वहीं, दिल्ली में रविवार को हुई सीट-बंटवारे की बातचीत में अपेक्षाकृत कम सीटें मिलने से नीतीश कुमार के नाराज होने की चर्चा पूरे दिन चलती रही. पार्टी और गठबंधन के नेताओं को मीडिया और विपक्ष के बीच यह संदेश देने में मशक्कत करनी पड़ी कि ”सब कुछ ठीक है.” जदयू के कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा ने कहा, ”विपक्ष को हार साफ दिख रही है, इसलिए वह राजग में दरार की अफवाह फैला रहा है. असल में टूट की कगार पर तो ‘इंडिया’ (इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इंक्लूसिव अलायंस) गठबंधन है.” कुछ खबरों में यह भी दावा किया गया कि दिल्ली में बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री ने झा को फटकार लगाई थी.

इस बीच, केंद्रीय मंत्री और कभी नीतीश कुमार के कट्टर आलोचक रहे चिराग पासवान ने भी सोशल मीडिया पर पोस्ट कर कहा कि ”राजग एकजुट है और नीतीश कुमार के नेतृत्व में चुनाव लड़ रहा है.” केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी सीट बंटवारे में छह सीटें मिलने से असंतुष्ट थे. उन्होंने भी सोशल मीडिया पर स्पष्ट किया कि ”सीटों की संख्या पर असहमति गठबंधन तोड़ने का कारण नहीं बन सकती.” पासवान की लोक जनशक्ति पार्टी (राम विलास) को 29 सीटें दी गई हैं, जबकि उपेंद्र कुशवाहा की दो साल पुरानी राष्ट्रीय लोक मोर्चा को मांझी की ‘हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (हम) जितनी यानी छह सीटें मिली हैं. मांझी ने अपने चार वर्तमान विधायकों सहित सभी छह उम्मीदवारों की सूची पहले ही जारी कर दी है.

खबरें हैं कि कुछ सीटें जो पहले जदयू के खाते में थीं, वे पासवान की पार्टी को दे दी गई हैं, जिससे मुख्यमंत्री असंतुष्ट बताए जा रहे हैं. हालांकि यह स्पष्ट नहीं है कि लोजपा(राम विलास) इस बार कौन-कौन सी सीटों पर चुनाव लड़ेगी. वहीं, विपक्षी ‘इंडिया’ गठबंधन के नेताओं ने राजग में दरार का दावा किया. हालांकि, उनके अपने गठबंधन की स्थिति भी बहुत बेहतर नहीं दिखी.

राष्ट्रीय जनता दल (राजद) अध्यक्ष लालू प्रसाद ने सोमवार रात अपने आवास पर उम्मीदवारों को बुलाकर टिकट वितरण शुरू किया था, लेकिन उनके पुत्र और उत्तराधिकारी तेजस्वी यादव के ”अनुशासन” पर जोर देने के बाद यह प्रक्रिया रोक दी गई. बताया गया कि कई उम्मीदवारों को “तकनीकी कारणों” से टिकट वापस करने को कहा गया. हालांकि, जदयू छोड़कर हाल ही में राजद में शामिल हुए संजीव कुमार सहित कुछ नेताओं ने नामांकन पत्र दाखिल करने की तैयारी शुरू कर दी है.

राजद और कांग्रेस के बीच सीट-बंटवारे को लेकर मतभेद की अटकलें भी तेज हैं. राजद प्रवक्ता मनोज झा और कांग्रेस सांसद इमरान प्रतापग­ढ़ी के बीच सोशल मीडिया पर चल रहे ‘वाकयुद्ध’ ने इन चर्चाओं को और बल दिया है. ‘इंडिया’ गठबंधन में शामिल वामपंथी दलों में सबसे प्रभावशाली भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी लेनिनवादी)लिबरेशन के छह उम्मीदवारों ने अपने नामांकन पत्र दाखिल कर दिए हैं. पहले चरण के नामांकन पत्र 17 अक्टूबर तक और दूसरे चरण के लिए 20 अक्टूबर तक भरे जाएंगे.

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