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कनाडा की झीलों और नदियों को बचाने के लिए सरकारों, विश्वविद्यालयों और संगठनों को साथ में आना होगा

कैलगरी: एक अक्टूबर (द कन्वरसेशन) जल निगरानी और अनुसंधान पर संघीय सरकार द्वारा प्रस्तावित व्यय में कटौती की हालिया रिपोर्ट कनाडा के घास के मैदानों (प्रेयरी) के लिए अशुभ संकेत देती हैं। सरकार कार्यक्रमों में, विशेष रूप से कनाडा जल एजेंसी के अंतर्गत, योजनाओं में महत्वपूर्ण कटौती पर विचार कर रही है, जिसका संघीय सरकार के वैज्ञानिकों की विज्ञान और अनुसंधान क्षमताओं पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है।

संघीय सरकार का प्रेयरी फार्म पुनर्वास प्रशासन, लाभकारी प्रबंधन प्रथाओं का जलग्रहण मूल्यांकन और कनाडा जल एजेंसी के नेतृत्व में मीठे जल विज्ञान का राष्ट्रीय एजेंडा जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से घास के मैदानों में जल अनुसंधान को सफलतापूर्वक लागू करने का इतिहास रहा है।

हालांकि, यदि धन में कटौती की जाती है, तो संघीय नेतृत्व वाली अनुसंधान पहल जोखिम में पड़ सकती हैं। यह वित्तीय अनिश्चितता एक विशेष रूप से चुनौतीपूर्ण समय पर आ रही है। पश्चिमी कनाडा के अर्ध-शुष्क क्षेत्र, जैसे कि प्रेयरीज(ऊंची, घनी घास वाले मैदान), पहले से ही बदलते पर्वतीय मौसमी हिमखंड और बर्फ की स्थिति, बढ़ते सूखे और बाढ़, और बदलते मौसम का सामना कर रहे हैं।

जल की उपलब्धता और गुणवत्ता से संबंधित अनिश्चितताएं कई लोगों की आजीविका के साथ-साथ पारिस्थितिक तंत्र की स्थिरता को भी प्रभावित करती हैं। ये कृषि उद्योग को भी प्रभावित कर सकते हैं, जो अकेले अल्बर्टा के सकल घरेलू उत्पाद में सालाना 3 अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक का योगदान देता है।

हालांकि निरंतर संघीय निवेश महत्वपूर्ण बना हुआ है, लेकिन आगे बढ़ने के लिए एक अधिक कुशल, सहयोगात्मक और अनुप्रयुक्त अनुसंधान मॉडल की आवश्यकता है। विश्वविद्यालयों, अनुसंधान एवं समर्थक संगठनों और गैर-लाभकारी समूहों को अपनी-अपनी विशेषज्ञता और संसाधनों का लाभ उठाने के लिए सहयोगात्मक और रणनीतिक रूप से काम करना चाहिए।

प्रेयरी की वास्तविकता: सूखा और बाढ़ प्रेयरी में जल-जलवायु परिस्थितियां हमेशा चरम पर रही हैं, और जलवायु परिवर्तन के साथ यह परिवर्तनशीलता बढ़ने की आशंका है। हालांकि गीले बसंत और शुरूआती र्गिमयों ने दक्षिणी अल्बर्टा में पिछले दीर्घकालिक सूखे की स्थिति को दूर करने में मदद की है, लेकिन प्रांत के उत्तरी क्षेत्रों जैसे ग्रीनव्यू और ग्रैंड प्रेयरी को सूखे की स्थिति से जूझना पड़ा है।

इस तरह के सवालों के जवाब देने के लिए सुसंगत, विश्वसनीय आंकड़ों और नवीन शोध की आवश्यकता है, जो प्रस्तावित वित्त पोषण कटौती के कारण संभावित रूप से जोखिम में पड़ सकते हैं। प्रासंगिक और समय पर आंकड़ों के बिना, जल प्रबंधक, शोधकर्ता और कृषि उत्पादक अंधेरे में हाथ पैर मांग रहे हैं।

अल्बर्टा में, सरकार ने भविष्य में जल उपलब्धता के जोखिमों के लिए प्रांत को बेहतर ढंग से तैयार करने हेतु बड़े पैमाने पर ंिसचाई विस्तार परियोजनाओं और व्यापक सामुदायिक भागीदारी जैसी पहल और निवेश किए हैं। ये पहल वित्त पोषण कार्यक्रमों के एक समूह के तहत किए गए आधारभूत कार्यों पर निर्भर हैं।

अनुसंधान सहायता में विविधता घटती निधि और बढ़ते जलवायु जोखिमों की दोहरी चुनौती का सामना करते हुए, घास के मैदानों को तीन परस्पर जुड़े स्तंभों में निधि और विशेषज्ञता में विविधता लाकर एक अधिक लचीला अनुसंधान पारिस्थितिकी तंत्र बनाना होगा।

प्रेयरी विश्वविद्यालय मौलिक और नीति-प्रासंगिक अनुसंधान के केंद्र हैं। इन पहलों में कैलगरी विश्वविद्यालय में संयुक्त राष्ट्र विश्वविद्यालय केंद्र, सस्केचेवान विश्वविद्यालय का जल सुरक्षा के लिए वैश्विक संस्थान और लेथब्रिज विश्वविद्यालय में जलवायु-स्मार्ट कृषि और खाद्य प्रणाली पहल शामिल हैं।

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