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शिक्षक को आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में छत्तीसगढ़ के कांग्रेस नेता के खिलाफ मामला दर्ज

बालोद. छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में एक सरकारी स्कूल के शिक्षक को आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में पुलिस ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री मोहम्मद अकबर तथा तीन अन्य के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है. पुलिस अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी. अकबर ने आरोपों का खंडन करते हुए मामले को “झूठा और मनगढ़ंत” करार दिया है.

बालोद जिले के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अशोक कुमार जोशी ने बताया, ”शिक्षक देवेंद्र ठाकुर के कथित सुसाइड नोट के आधार पर रविवार को अकबर, मदार खान उर्फ सलीम खान, हरेंद्र नेताम और प्रदीप ठाकुर के खिलाफ डौंडी पुलिस थाने में भारतीय न्याय संहिता की धारा 108 (आत्महत्या के लिए उकसाना) एवं 3(5) (सामान्य इरादा) के तहत मामला दर्ज किया गया है. जोशी ने बताया कि ठाकुर क्षेत्र के ओडगांव गांव स्थित सरकारी प्राथमिक स्कूल में पदस्थ था. उन्होंने तीन सितंबर को घोटिया गांव में अपने घर पर फांसी लगाकर जान दे दी थी.

पुलिस अधिकारी ने बताया कि पुलिस ने जब शव की तलाशी ली तब ठाकुर की जेब से एक सुसाइड नोट बरामद किया गया, जिसमें उसने पूर्व मंत्री अकबर, खान, नेताम एवं प्रदीप ठाकुर को आत्महत्या के लिए उकसाने का जिम्मेदार ठहराया है. उन्होंने बताया कि सुसाइड नोट में कहा गया है कि चारों ने कथित तौर पर नौकरी दिलाने के लिए पैसे लिए, लेकिन उन्होंने न तो नौकरी दी और न ही पैसे लौटाए.

एक अन्य पुलिस अधिकारी ने बताया कि डौंडी पुलिस ने मदार खान उर्फ सलीम खान, हरेंद्र नेताम और प्रदीप ठाकुर के खिलाफ रविवार को एक और प्राथमिकी दर्ज की है, जिसमें कथित तौर पर पिछली कांग्रेस सरकार के दौरान वन विभाग में नौकरी दिलाने के नाम पर लोगों को ठगा गया था. उन्होंने बताया कि ओडगांव गांव के चंदर सिंह की शिकायत के आधार पर तीनों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 420 (धोखाधड़ी) और 34 (सामान्य इरादा) के तहत मामला दर्ज किया गया है.

अधिकारी ने बताया कि शिकायत के अनुसार, 2022 में (पिछली कांग्रेस सरकार के दौरान) राज्य के वन विभाग में वन रक्षक और अन्य पदों पर भर्ती के लिए विज्ञापन जारी किया गया था. सिंह ने कथित तौर पर वन रक्षक के रूप में भर्ती होने के लिए देवेंद्र ठाकुर (शिक्षक) के माध्यम से नेताम, खान और प्रदीप ठाकुर को 4.70 लाख रुपये दिए थे.

उन्होंने बताया कि सिंह की तरह, लगभग 70 अन्य लोगों ने नौकरी के लिए इन व्यक्तियों को लगभग 3.70 करोड़ रुपए दिया था.
अधिकारी ने बताया कि खान ने खुद को भूपेश बघेल सरकार में तत्कालीन वन मंत्री अकबर के रिश्तेदार के रूप में पेश किया था और उम्मीदवारों से मिला था. उन्होंने बताया कि जब उम्मीदवारों को नौकरी नहीं मिली तब उन्होंने अपने पैसे वापस मांगे, लेकिन तीनों आरोपियों ने कथित तौर पर पैसे वापस करने से इनकार कर दिया. अधिकारियों ने बताया कि शिक्षक देवेंद्र ठाकुर ने इसी मामले के कारण यह कदम उठाया. दोनों मामलों में आगे की जांच चल रही है. दोनों मामलों में अब तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है. जब पूर्व मंत्री अकबर से संपर्क किया गया तब उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ मामला झूठा और मनगढ़ंत है.

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