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लेजर लाइट और सतरंगी रंगों से जगमगा रहा राजिम कुंभ कल्प

राजिम कुंभ कल्प में 3 मार्च से शुरू होगा विराट संत समागम

रायपुर. छत्तीसगढ़ शासन के धर्मस्व, संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री बृजमोहन अग्रवाल के नेतृत्व में राजिम कुंभ कल्प को रामोत्सव की थीम पर सजाया गया है. साथ ही विभिन्न धार्मिक गतिविधियों का संचालन किया जा रहा है. इसी कड़ी में मेला स्थल के नदी तट पर लेज़र लाइट प्रदर्शन के लिए भी संरचना बनायी गयी है. जिसमें लेजर लाइट के माध्यम से विभिन्न आकृतियां प्रदर्शित की जा रही है. मेला स्थल में लगे बड़े स्क्रीन में भगवान श्रीराम से जुड़ी थ्रीडी प्रेजेंटेशन वाली शॉर्ट फिल्म दिखाई जा रही है. इसमें भगवान राम के जीवन चरित्र और आदर्शों को दिखाया जा रहा है. जिसे देखकर मेला आगंतुक भक्ति में भाव विभोर हो रहे है.

राजिम कुंभ में शॉर्ट वीडियो के माध्यम से छत्तीसगढ़ शासन के विभिन्न योजनाओं को भी प्रदर्शित किया जा रहा है. जिसमें महत्वपूर्ण योजना महतारी वंदन योजना के बारे में वीडियो के माध्यम से जानकारी दी जा रही है. विवाहित महिलाओं सहित पेंशन प्राप्त करने वाली परित्यकता और विधवा महिला को भी इस योजना में शामिल किया गया है. साथ ही राज्य शासन द्वारा संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी भी दी जा रही है. इसके माध्यम से मेला आगंतुक छत्तीसगढ़ शासन की योजना का पूरा-पूरा लाभ उठाने के लिए जागरूक हो रहे है. इसी तरह मामा-भांजा मंदिर से लेकर लोमष ऋषि आश्रम तक लक्ष्मण झूला को रंग-बिरंगे लाईट्स के माध्यम से सजाया गया है, जिससे मेला आने वाले श्रद्धालु आकर्षित हो रहे है.

धर्मस्व मंत्री अग्रवाल की माता जी के निधन पर दी गई विनम्र श्रद्धांजलि

कार्यक्रम के दौरान संस्कृति एवं धर्मस्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल की माता जी के निधन की सूचना प्राप्त होने पर समूचे कुंभ कल्प क्षेत्र में सन्नाटा छा गया. मुख्य मंच पर हो रहे सांस्कृतिक कार्यक्रम को तत्काल रोककर उपस्थित जनप्रतिनिधि, प्रजापिता ब्रह्मकुमारी के बहनों, अधिकारी-कर्मचारी एवं जनसमुदाय, कलाकरों एवं आयोजकों द्वारा दुःख व्यक्त करते हुए दो मिनट का मौन धारण कर भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए मृतात्मा की शांति तथा शोकाकुल परिवारजनों को इस दुःख को सहने की शक्ति प्रदान करने ईश्वर से प्रार्थना की.

मुख्य मंच पर कर्मा, ददरिया, देवार गीतों की हुई शानदार प्रस्तुति

राजिम कुंभ कल्प-2024 के चौथे दिन मुख्य मंच पर कर्मा, ददरिया, देवार गीतों की शानदार प्रस्तुति हुई. हमर छत्तीसगढ़ लोक कलामंच के रोशन साहू ने ददरिया, करमा, देवार गीतों के माध्यम से समा बांधा. सुभावना टांक ने शास्त्री गायन के माध्यम से राम भगवान की महिमा को जनता तक पहुंचाने की कोशिश की. सुगोपा सान्याल के द्वारा भजन संध्या की प्रस्तुति दी गई. जिसमें गणेश वंदना के साथ प्रभु श्रीराम का स्मरण करते हुए मंच सहित विशाल दर्शक दीर्घा को भी भक्तिमय माहौल बना दिया.

राजिम कुंभ कल्प में 3 मार्च से शुरू होगा विराट संत समागम
माघ पूर्णिमा से प्रारंभ हुए राजिम कुंभ कल्प मेला की भव्यता दिनों दिन बढ़ रही है. राजिम कुंभ का आयोजन माघ पूर्णिमा से महाशिवरात्रि तक होता है. इसमें विराट संत-समागम का प्रारंभ रविवार 3 मार्च से होगा. धर्मस्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल के निर्देश पर राजिम मेला के संत समागम स्थल पर साधु-संतों, महामंडलेश्वरों, आचार्य महात्माओं के लिए विशाल डोम, स्विस कॉटेज, कुटिया तथा यज्ञ शाला का निर्माण किया गया है, जिसमें संत महात्माओं द्वारा विभिन्न प्रकार के यज्ञ अनुष्ठान को पूरी वैदिक रीतियों के साथ सम्पन्न कराया जाएगा. संत समागम के विशाल मंच से संतों के प्रवचन आशीष वचन के रूप में श्रद्धालुओं को सुनने का पुण्य प्राप्त होगा.

संत-समागम स्थल में प्रतिदिन होने वाले यज्ञ हवन के लिए विशाल यज्ञ शाला का निर्माण भी किया गया है. जहां राजिम कुंभ कल्प में पधारे संतों द्वारा नित्य प्रति वैदिक मंत्रोच्चारण से हवन किया जायेगा. रोजाना मुख्य मंच से शाम को संतो के उद्बोधन, धर्म संसद में चर्चा में शामिल होने वाले श्रद्धालुओं के समुचित बैठक व्यवस्था भी की गई है.

भगवान श्रीराम को समर्पित यह कुंभ कल्प राम के प्रति आस्था और श्रद्धा का द्योतक है. इस लिहाज से माना जा सकता है कि संत समागम भी राममय होकर प्रभु श्रीराम की भक्ति में सराबोर होने का अवसर श्रद्धालुओं को मिलेगा.

देशभर से पहुंचेंगे साधु-संतों की टोली

इस बार राजिम कुंभ में शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद महाराज, अविमुक्तेश्वरानंद महाराज, सदानंद महाराज, पंडित प्रदीप मिश्रा, साध्वी ऋतंभरा दीदी, महामंडलेश्वर विशोकानंद भारती, डॉ. शिव स्वरूपानंद, रामकृष्णानंद, यतींद्रानंद, डॉ. रामेश्वर, पंडोखर सरकार जैसे बड़े-बड़े धर्म दिग्गज शामिल होंगे. गौरतलब है कि संस्कृति एवं धर्मस्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने इन धर्म गुरुओं को कुंभ में शामिल होने का न्योता भेजा है. जिस पर महात्माओं ने आने का आश्वान दिया है. धर्मगुरुओं के अलावा हरिद्वार, प्रयागराज, काशी, बनारस, मथुरा, वृंदावन, अयोध्या, अमरकंटक, चित्रकूट, उत्तराखंड से बड़ी संख्या में साधु-संतों की टोली राजिम कुंभ कल्प मेला में पहुंचेगी.

राजिम कुंभ कल्प में संतों का हुआ आगमन प्रारंभ

राजिम कुंभ कल्प में 3 मार्च से शुरू होने वाली संत समागम के आयोजन में भाग लेने के लिए संतों का राजिम पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया है. इन महात्माओं को यथा-स्थान निर्धारित जगह पर ठहराया जा रहा है. ज्ञात हो कि संत समागम में भाग लेने आने वाले संत महात्माओं के ठहरने का राज्य शासन द्वारा उचित प्रबंध किया गया है. अभी तक विभिन्न संप्रदाओं और अखाड़ों के संतो का आना शुरू हो गया है. जिनमें जनकपुरी महाराज, भोलागिरि महाराज, शीतल गिरि महाराज, नागा साधु के अलावा अन्य संत भी पहुंच चुके है. इसके साथ ही भोजन, पेयजल और शौचालय की सुविधा उपलब्ध करायी गई है.

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