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‘एसआईआर’ पर विपक्ष के हंगामे के कारण रास की बैठक दिन भर के लिए स्थगित

संसद में गतिरोध बरकरार, सरकार का एसआईआर पर चर्चा से इनकार

नयी दिल्ली. बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के मुद्दे पर विपक्षी सदस्यों के लगातार हंगामे के कारण राज्यसभा की कार्यवाही बुधवार को एक बार के स्थगन के बाद दिनभर के लिए स्थगित कर दी गई. हंगामे के कारण आज भी सदन में शून्यकाल और प्रश्नकाल नहीं हो पाया. आज हालांकि हंगामे के बीच ही ‘समुद्र द्वारा माल वहन विधेयक, 2025’ को मंजूरी दी गई. लोकसभा में यह विधेयक 28 मार्च को पारित हुआ था.

सुबह 11 बजे उच्च सदन की बैठक शुरू होने पर पूर्व सदस्य सत्यपाल मलिक को श्रद्धांजलि दी गई. मलिक का कल निधन हो गया था. उन्हें श्रद्धांजलि देने के बाद आवश्यक दस्तावेज सदन के पटल पर रखवाए गए. इसके बाद उपसभापति हरिवंश ने बताया कि विभिन्न मुद्दों पर नियत कामकाज स्थगित कर चर्चा के लिए उन्हें नियम 267 के तहत 35 नोटिस मिले हैं.

उपसभापति ने बताया कि ये नोटिस नियमों के अनुरूप नहीं पाए गए अत: इन्हें खारिज कर दिया गया है. इस पर विपक्षी सदस्यों ने हंगामा शुरू कर दिया. कुछ सदस्यों ने जानना चाहा कि उनके नोटिस क्यों खारिज किए गए. उपसभापति ने कहा कि उन्होंने इस बारे में कल सदन में विस्तार से जानकारी दी थी. उपसभापति ने विपक्षी सदस्यों से आग्रह किया कि सदन को सुचारु रूप से चलने दिया जाए ताकि सदस्य शून्यकाल के दौरान अपने मुद्दे उठा सकें.

उन्होंने कहा, “मैंने स्पष्ट रूप से समझाया है. कई सदस्य मेरे पास आए और कहा कि हमें शून्यकाल में अपने मुद्दे उठाने का अधिकार है. कृपया उन्हें अपने सवाल उठाने की अनुमति दें.” हरिवंश ने हंगामा कर रहे सदस्यों से शांत रहने तथा कार्यवाही चलने देने का अनुरोध किया. लेकिन सदन में व्यवस्था बनते न देख उन्होंने 11 बजकर दस मिनट पर बैठक दोपहर दो बजे तक स्थगित कर दी.
दोपहर दो बजे जब सदन की कार्यवाही पुन? आरंभ हुई, तो विपक्षी सदस्य एक बार फिर अपने स्थानों पर खड़े होकर एसआईआर मुद्दे पर चर्चा की मांग करने लगे. कुछ सदस्य अपने स्थान से आगे आ कर नारे लगाने लगे.

हंगामे के बीच वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए मणिपुर की अनुदान मांगें सदन में प्रस्तुत कीं.
इसके बाद पीठासीन अध्यक्ष भुवनेश्वर कलिता ने ‘समुद्र द्वारा माल वहन विधेयक, 2025’ पर चर्चा को आगे बढ़ाने की अनुमति दी. विपक्षी सांसदों ने पहले एसआईआर मुद्दे पर चर्चा कराने की मांग की.

हंगामे के बीच ही ‘समुद्र द्वारा माल वहन विधेयक, 2025’ को संक्षिप्त चर्चा के बाद ध्वनिमत से पारित कर दिया गया. विपक्षी सदस्य इस दौरान लगातार नारेबाजी करते रहे. तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के कुछ सदस्य आसन की ओर बढ़े, जिनमें ममता ठाकुर भी शामिल थीं. आप सांसद संजय सिंह को भी आसन की ओर बढ़ते हुए देखा गया. विपक्ष के लगातार हंगामे के चलते पीठासीन अध्यक्ष ने दो बज कर तीस मिनट पर सदन की कार्यवाही दिनभर के लिए स्थगित कर दी.

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