बाढ़-ग्रस्त उत्तरकाशी में कनेक्टिविटी बहाल करने के लिए बेली पुल पूरा होने के करीब
उत्तरकाशी. धराली सहित उत्तरकाशी के आपदाग्रस्त क्षेत्रों से संपर्क बहाल करने के लिए गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर गंगनानी के आगे लिम्चागाड़ के पास बन रहे महत्वपूर्ण बेली पुल का निर्माण कार्य रविवार को पूरा होने की उम्मीद है . उधर, धराली में मलबे के ढेर में लापता लोगों की तलाश के लिए बचाव एवं राहत अभियान युद्धस्तर पर जारी है . बेली पुल एक ऐसा पुल होता है जिसे पहले से तैयार पुर्जों को जोड़कर जल्दी से बनाया जा सकता है.
अधिकारियों ने यहां बताया कि गंगनानी और धराली के बीच लिम्चागाड़ पर बनाया जा रहा बेली पुल निर्माण के आखिरी चरण में हैं और शाम तक उसके शुरू होने की संभावना है. उन्होंने बताया कि इससे प्रभावित इलाकों तक संपर्क बहाल करने में मदद मिलेगी.
अधिकारियों ने बताया कि सोनगाड़, डबरानी, र्हिषल और धराली आदि स्थानों पर अवरुद्ध गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग को सुचारू करने का प्रयास युद्धस्तर पर किया जा रहा है.
प्रदेश के गृह सचिव शैलेश बगौली ने अधिकारियों को धराली में प्रतिदिन 2000 लीटर डीजल तथा प्रभावित लोगों के लिए रसोई गैस सिलेंडर की आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं. उन्होंने बताया कि जब तक सड़कों की मरम्मत नहीं हो जाती और उनका संचालन शुरू नहीं होता तब तक प्रभावित लोगों तक खाद्य तथा अन्य जरूरी सामान पहुंचाने के लिए घोड़े और खच्चरों का उपयोग किया जा रहा है .
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कोटक महिंद्रा बैंक द्वारा धराली में प्रभावित लोगों के राहत एवं पुनर्वास के लिए भेजी जा रही आपदा राहत सामग्री से भरे करीब आधा दर्जन ट्रकों को रवाना किया . कोटक महिंद्रा बैंक द्वारा कारपोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व के तहत 10 से 12 दिनों के लिए पर्याप्त कच्चा राशन जैसे आटा, चावल, दालें, मसाल, खाद्य तेल समेत दैनिक उपयोग की आवश्यक वस्तुएं जैंसे टूथपेस्ट, नहाने एवं कपड़े धोने का साबुन आदि प्रभावित लोगों तक भेजा गया है .
मुख्यमंत्री ने बैंक का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि दुख की इस घड़ी में पूरा राज्य आपदा प्रभावितों के साथ खड़ा है . हालांकि, रविवार सुबह बारिश के कारण हेलीकॉप्टर संचालन पौने 10 बजे शुरू हो पाया. अधिकारियों ने बताया कि मातली हेलीपैड से हेलीकॉप्टर के जरिए बड़ी मात्रा में खाद्य एवं राहत सामग्री र्हिषल हेलीपैड तक भेजी जा रही है और वापसी में आपदा प्रभावित क्षेत्रों के लोगों को मातली लाया जा रहा है.
सात अगस्त को बचाव अभियान शुरू होने के बाद से हेलीकॉप्टर 260 से अधिक चक्कर लगा चुके हैं और शनिवार तक 1000 से ज्यादा लोगों को बाहर निकाला जा चुका है . मातली हेलीपैड से आठ हेलीकॉप्टर संचालित किए जा रहे हैं. इसके अलावा, सेना के चिनूक, एमआई-17, एएलएच-1 और चीता हेलीकॉप्टर चिन्यालीसौड़ हवाईपट्टी से बचाव अभियान संचालित कर रहे हैं .
उन्होंने बताया कि विशेषज्ञ चिकित्सकों समेत मेडिकल टीमें आपदा प्रभावित क्षेत्रों में तैनात हैं और लगातार अपनी सेवाएं दे रही हैं .
बाढग़्रस्त धराली में मलबे में लापता लोगों की तलाश का काम राज्य आपदा प्रतिवादन बल के खोजी कुत्तों और ‘विक्टिम लोकेटिंग’ व ‘थर्मल इमेजिंग’ कैमरा जैसे अत्याधुनिक उपकरणों की मदद से जारी है. खीर गंगा नदी में पांच अगस्त को अचानक आई बाढ़ और भूस्खलन के कारण धराली में मची तबाही में कई होटल और मकान जमींदोज हो गए थे. जिला प्रशासन ने अब तक चार लोगों की मौत और कई अन्य के लापता होने की पुष्टि की है.
