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कांग्रेस ने SIR को रोकने के लिए हर हथकंडा अपनाया, लेकिन न्यायालय में निराशा हाथ लगी: नड्डा

नयी दिल्ली. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अध्यक्ष जे पी नड्डा ने बृहस्पतिवार को कहा कि कांग्रेस ने बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को रोकने के लिए हर हथकंडा अपनाया और छल करने का प्रयास किया लेकिन उसे उच्चतम न्यायालय में निराशा का सामना करना पड़ा.

नड्डा ने आरोप लगाया कि विपक्षी पार्टी अब गैर-मुद्दों को पकड़ रही है और हताशा में इन्हें ”नैतिक जीत” के रूप में पेश कर रही है.
कांग्रेस महासचिव (संगठन) के सी वेणुगोपाल ने एसआईआर मामले में उच्चतम न्यायालय के अंतरिम आदेश की सराहना करते हुए इसे ”लोकतंत्र के लिए बड़ी जीत” बताया और कहा कि यह ”वोट चोरों” के लिए एक बड़ा संदेश है, जिन्होंने बिहार में चुनावी प्रक्रिया को विकृत करने के लिए एसआईआर का इस्तेमाल करने की कोशिश की थी.

उच्चतम न्यायालय ने बृहस्पतिवार को निर्वाचन आयोग को निर्देश दिया कि वह बिहार में एसआईआर में पारर्दिशता बढ़ाने के लिए मतदाता सूची से हटाए गए 65 लाख नामों का विवरण प्रकाशित करे, साथ ही उन्हें शामिल न करने के कारण भी बताए. नड्डा ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ”कांग्रेस ने एसआईआर को रोकने के लिए हर छल और कपट की कोशिश की, लेकिन उसे आज उच्चतम न्यायालय में निराशा का सामना करना पड़ा.” उन्होंने कहा, ”अब हताशा में कांग्रेस गैर-मुद्दों को पकड़कर इन्हें ‘नैतिक जीत’ के रूप में पेश कर रही है.” भाजपा प्रमुख ने कहा कि तथ्य यह है कि उनकी सभी झूठी बातें एक-एक करके खारिज, उजागर और पराजित हो रही हैं.

उन्होंने कहा, ”कांग्रेस एक बार फिर मामला हार गई है और अपनी रणनीति भी खो बैठी है.” उच्चतम न्यायालय के अंतरिम आदेश पर टिप्पणी करते हुए, वेणुगोपाल ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ह्लबिहार एसआईआर मामले पर माननीय उच्चतम न्यायालय का फैसला लोकतंत्र के लिए एक बड़ी जीत है, और वोट चोरों के लिए एक बड़ा संदेश है जिन्होंने बिहार में चुनावी प्रक्रिया को विकृत करने के लिए एसआईआर का इस्तेमाल करने की कोशिश की थी.”

उन्होंने कहा, ”आधार को स्वीकार नहीं करने के निर्वाचन आयोग के फैसले को न्यायालय द्वारा खारिज करना भी एक बड़ी उपलब्धि है, क्योंकि बिहार जैसे राज्य में आधार गरीबों और हाशिए पर पड़े लोगों के पास सबसे अधिक इस्तेमाल होने वाला दस्तावेज है.” कांग्रेस नेता ने कहा, ”हम इसे कठोर और विनाशकारी एसआईआर प्रक्रिया के खिलाफ हमारी लड़ाई में एक महत्वपूर्ण पहला कदम मानते हैं. निर्वाचन आयोग की गड़बड़ियों और मतदान में धांधली में मिलीभगत को उजागर करने की हमारी लड़ाई नए जोश के साथ जारी रहेगी.” कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण मामले में उच्चतम न्यायालय के निर्देश की सराहना करते हुए कहा कि शीर्ष अदालत ने संविधान को स्पष्ट, मजबूत और साहसिक तरीके से बरकरार रखा है.

रमेश ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ”उच्चतम न्यायालय ने भारत के संविधान को स्पष्ट, मजबूत और साहसिक तरीके से बरबरार रखा है. यह प्रधानमंत्री और उनके समर्थकों की चालों से हमारे गणराज्य को बचाने की एक लंबी लड़ाई है, लेकिन बिहार एसआईआर मुद्दे पर उच्चतम न्यायालय का आज का फैसला उम्मीद की एक किरण है.”

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