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एसआईआर के मुद्दे पर लोकसभा में विपक्ष के हंगामे के कारण कार्यवाही बार-बार हुई स्थगित

नयी दिल्ली. बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के मुद्दे पर विपक्षी दलों के सांसदों की नारेबाजी के कारण मंगलवार को भी लोकसभा की कार्यवाही सुचारू रूप से नहीं चल सकी और तीन बार के स्थगन के बाद बुधवार पूर्वाह्न 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई. एसआईआर के मुद्दे को लेकर मानसून सत्र की शुरूआत से ही सदन में गतिरोध की स्थिति बनी हुई है.

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने 11 बजे बैठक शुरू होने पर सदस्यों को सूचित किया कि अब सदन में संविधान की आठवीं अनुसूची में उल्लेखित सभी भाषाओं में अनुवाद की सुविधा मिलेगी. इस दौरान कांग्रेस समेत विपक्षी दलों के सदस्यों ने एसआईआर के मुद्दे पर नारेबाजी शुरू कर दी. अध्यक्ष बिरला ने हंगामा कर रहे विपक्षी सदस्यों से कार्यवाही चलने देने का आग्रह करते हुए कहा, ”मेरा आपसे अनुरोध है कि सदन की कार्यवाही चलाने में सहयोग करें. दुनिया में सबसे बड़ा लोकतंत्र हमारा है. मुझे आशा है कि आप सदन चलाने में सहयोग करेंगे.” उन्होंने शोर-शराबे के बीच ही प्रश्नकाल शुरू कराया. हंगामा जारी रहने पर उन्होंने सदन की बैठक 11 बजकर 22 मिनट पर दोपहर 12 बजे तक स्थगित कर दी.

सदन की कार्यवाही एक बार के स्थगन के बाद दोपहर 12 बजे पुन: शुरू होने पर पीठासीन सभापति कृष्णा प्रसाद तेन्नेटी ने ‘एसआईआर वापस लो’ के नारे लगा रहे विपक्षी दलों के सदस्यों से अपनी-अपनी सीट पर बैठने का आग्रह करते हुए कहा, ”हम आपको सुनना चाहते हैं लेकिन इस तरह नहीं. मैं आपको बोलने का मौका दूंगा. कृपया सहयोग करें.” हंगामा नहीं थमने पर पीठासीन सभापति ने कुछ मिनट बाद सदन की कार्यवाही दो बजे तक स्थगित कर दी.

अपराह्न दो बजे कार्यवाही फिर से शुरू हुई तो ‘अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर भारत के पहले अंतरिक्ष यात्री – 2047 तक विकसित भारत के लिए अंतरिक्ष कार्यक्रम की महत्वपूर्ण भूमिका’ विषय पर सदन में सोमवार को शुरू हुई चर्चा को आगे बढ़ाया गया.
एसआईआर के मुद्दे पर विपक्ष के हंगामे के बीच ही भारतीय जनता पार्टी के सांसद निशिकांत दुबे ने चर्चा में भाग लिया. इस दौरान पीठासीन सभापति तेन्नेटी ने हंगामा कर रहे विपक्ष के सदस्यों से अपनी-अपनी सीट पर जाकर चर्चा में भाग लेने की अपील की. हंगामा नहीं थमने पर, उन्होंने करीब 10 मिनट बाद कार्यवाही चार बजे तक स्थगित कर दी.

शाम चार बजे सदन की कार्यवाही फिर से शुरू होने पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेद्र प्रधान ने भारतीय प्रबंध संस्थान (संशोधन) विधेयक, 2025 विचार तथा पारित किये जाने के लिए पेश किया. एसआईआर के मुद्दे पर विपक्षी सदस्यों के हंगामे के बीच, विधेयक को बिना चर्चा के ही ध्वनिमत से पारित कर दिया गया. विपक्षी सदस्यों के नारेबाजी करने और तख्तियां लहराने को लेकर पीठासीन सभापति दिलीप सैकिया ने कहा, ”कृपया बैठिये, सदन चलने दीजिए. आप आज भी सदन नहीं चलने दे रहे, आपका यह रवैया ठीक नहीं है.” हंगामा नहीं थमने पर शाम चार बजकर आठ मिनट पर उन्होंने सदन की कार्यवाही बुधवार पूर्वाह्न 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी.

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