राजस्थान : लगातार बारिश से कई जिलों में हालात खराब, स्कूलों में छुट्टी घोषित
जयपुर. राजस्थान के अनके हिस्सों में लगातार भारी बारिश के कारण कई जिलों, विशेष रूप से कोटा, बूंदी व सवाई माधोपुर के निचले इलाकों के जलमग्न होने से बाढ. के हालात पैदा हो गए हैं. स्थानीय प्रशासन ने राहत व बचाव कार्य के लिए सेना के जवानों की मदद ली है. मौसम विभाग ने अगले दो दिन राज्य में कई जगह भारी से अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी जारी की है जिसके चलते राजधानी जयपुर सहित दर्जन भर जिलों में स्कूलों में छुट्टी की घोषणा की गई.
मिली जानकारी के अनुसार, रविवार को उदयपुर के डबोक थाना क्षेत्र में ‘कुंवारी माइंस’ में भरे पानी में डूबने से एक बच्ची समेत चार नाबालिगों की मौत हो गई. वहीं, झालावाड़ में एक कार पानी के तेज बहाव में बह गई जिससे उसमें सवार चार लोगों में से दो की मौत हो गई जबकि दो अन्य लापता हैं. राज्य के तीन जिलों में राहत व बचाव कार्य के लिए सेना की मदद ली गई है. कुल मिलाकर राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की सात व राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) की सात टीम विभिन्न स्थानों पर तैनात हैं.
मौसम केंद्र जयपुर के अनुसार, रविवार को दिन में नागौर में 99 मिलीमीटर, अजमेर में 61.4 मिमी., बीकानेर में 52.8 मिमी. बारिश हुई. इसके अलावा पिलानी, जोधपुर, गंगानगर व दौसा में 10 मिलीमीटर या इससे अधिक बारिश दर्ज की गई. मौसम केंद्र जयपुर के अनुसार, आगामी तीन से चार दिन तक राज्य में कहीं-कहीं भारी व अतिभारी बारिश का दौर जारी रह सकता है. इसके चलते जयपुर, अलवर, दौसा, टोंक व नागौर सहित 12 से अधिक जिलों में सभी स्कूलों में अवकाश की घोषणा की गई है. राज्य के बूंदी जिले में मेज व धौलपुर में चंबल नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है.
आधिकारिक बयान के अनुसार कोटा, बूंदी, सवाई माधोपुर सहित अनेक जिलों में जलभराव के कारण फंसे सैंकड़ों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है. आपदा प्रबंधन मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल रविवार को सवाई माधोपुर के जड़ावता गांव पहुंचे और राहत एवं बचाव कार्यों का जायजा लिया. उन्होंने कहा कि सरकार आमजन की सुरक्षा और राहत कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है.
अधिकारियों ने कहा कि राज्य में सवाई माधोपुर के साथ-साथ कोटा और बूंदी में राहत व बचाव कार्य में एनडीआरएफ, एसडीआरएफ तथा सेना के जवानों को लगाया गया है. कोटा हेलीपैड पर भारतीय वायुसेना के एक हेलीकॉप्टर को राहत व बचाव कार्य के लिए लगाया गया है. इसी तरह एक हेलीकॉप्टर को जोधपुर में तैयार रखा गया है.
अधिकारियों ने बताया कि राज्य में मौजूदा बारिश के मौसम में अब तक कुल मिलाकर 792 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है. इस मौसम में राज्य में बहने/डूबने से 44 तथा आकाशीय बिजली गिरने से 24 समेत कुल 91 लोगों की मौत हो चुकी है. वहीं, राजधानी जयपुर में रविवार को लगातार दूसरे दिन भी बारिश जारी रही जिससे कई इलाकों में जलभराव हो गया. शहर के कई हिस्सों में सड़कें जलमग्न हो गईं. कई जगह घुटने तक पानी भरने से यातायात में भारी व्यवधान हुआ और यात्रियों को असुविधा हुई.
जिला कलेक्टर डॉ. जितेंद्र सोनी ने भारी बारिश के पूर्वानुमान को देखते हुए सोमवार और मंगलवार को सभी सरकारी और निजी स्कूलों में दो दिन छुट्टी के आदेश दिए हैं.
राज्य की राजधानी के कई इलाकों में ट्रांसफार्मर और बिजली लाइनों में खराबी के कारण बिजली गुल होने की खबर है. बरकत नगर, टोंक फाटक और अन्य इलाकों में शनिवार रात कई बार बिजली गुल हुई, जिसे ठीक करने में तकनीकी टीम को लगभग सात घंटे लग गए. अधिकारियों ने बताया कि जयपुर विकास प्राधिकरण ने विद्याधर नगर के पास स्थित किशन बाग और स्वर्ण जयंती पार्क को सोमवार से बुधवार तक आम जनता के लिए बंद करने का फैसला किया है.