‘संवैधानिक रूप से सबसे अनैतिक’ है मोदी सरकार: सिब्बल
नयी दिल्ली. पूर्व केंद्रीय मंत्री कपिल सिब्बल ने मंगलवार को आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी नीत सरकार विपक्ष को निशाना बनाने के लिए कानूनों को हथियार के तौर पर इस्तेमाल कर रही है और यह भारत के इतिहास में ”संवैधानिक रूप से सबसे अनैतिक” सरकार है. उन्होंने उन विधेयकों की आलोचना की, जिनमें गंभीर आरोपों में गिरफ्तार होने पर 30 दिनों तक जेल में रहने पर प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्रियों और मंत्रियों को पद से हटाने का प्रावधान है.
वरिष्ठ अधिवक्ता और राज्यसभा सदस्य सिब्बल ने यह भी दावा किया कि ये विधेयक इसलिए लाए गए हैं, क्योंकि भाजपा जानती है कि बिहार में माहौल बदल गया है और वह लोगों का ध्यान दूसरे मुद्दों की ओर मोड़ना चाहती है. सिब्बल ने यहां संवाददाता सम्मेलन में कहा, ”आप कभी-कभी कुछ लोगों को मूर्ख बना सकते हैं, लेकिन आप सभी लोगों को हर समय मूर्ख नहीं बना सकते.” इस विधेयक पर गृह मंत्री अमित शाह की हालिया कथित टिप्पणियों का हवाला देते हुए, सिब्बल ने कहा कि मंत्री ने संवैधानिक नैतिकता की बात की, लेकिन ”संवैधानिक नैतिकता का उनकी अपनी नैतिकता से कोई लेना-देना नहीं है” और इसका विपक्ष की नैतिकता से सीधा संबंध है.
सिब्बल ने कहा कि केंद्र और राज्यों की भाजपा सरकारों में किसी भी मंत्री को गिरफ्तार नहीं किया गया है, जबकि जांच एजेंसियां एक के बाद एक विपक्षी नेताओं को निशाना बना रही हैं.
राज्यसभा के निर्दलीय सदस्य ने आम आदमी पार्टी के नेताओं अरविंद केजरीवाल, सत्येंद्र जैन और मनीष सिसोदिया, कांग्रेस के पी चिदंबरम, डी के शिवकुमार और आलमगीर आलम, और झामुमो के हेमंत सोरेन आदि का उदाहरण देते हुए कहा कि उन्हें एक महीने से ज़्यादा समय तक गिरफ्तार रखा गया और फिर बहुत देर बाद ज.मानत मिली, जबकि मुकदमा वर्षों बाद भी पूरा नहीं हुआ.