मुख्य समाचारविदेश

नेपाल: मूसलाधार बारिश के कारण भूस्खलन और बा­ढ़ में 51 लोगों की मौत

भारत हरसंभव सहायता देने के लिए प्रतिबद्ध: प्रधानमंत्री मोदी ने नेपाल में भूस्खलन को लेकर कहा

काठमांडू/नयी दिल्ली. पूर्वी नेपाल में विभिन्न स्थानों पर कल रात से हो रही मूसलाधार बारिश के कारण भूस्खलन और बा­ढ़ आई, जिसके कारण रविवार सुबह तक कम से कम 51 लोगों की मौत हो गई. सशस्त्र पुलिस बल (एपीएफ) के प्रवक्ता कालिदास धौवजी ने बताया कि पिछले दो दिनों में भारी बारिश के कारण हुए भूस्खलन के कारण कोशी प्रांत में इल्लम जिले के विभिन्न स्थानों पर कम से कम 37 लोगों की मौत हुई है.

राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीआरआरएमए) ने एक प्रेस विज्ञप्ति में बताया कि इन 37 लोगों में से देउमाई और माईजोगमाई नगरपालिका क्षेत्रों में आठ- आठ लोगों की मौत हुई, इल्लम नगरपालिका और संदकपुर ग्रामीण  नगरपालिका में छह-छह, मंगसेबुंग में तीन और फाकफोकथुम गांव में एक व्यक्ति की मौत हुई है. बा­ढ़ और भूस्खलन के कारण उदयपुर में दो और पंचथार में एक व्यक्ति की मौत हो गई. इसके अलावा, रौतहट में बिजली गिरने से तीन और खोतांग जिले में दो लोगों की मौत हो गई.

इस बीच, पंचथार जिले में भारी बारिश के कारण सड़कें क्षतिग्रस्त होने के कारण हुई एक दुर्घटना में छह लोगों की मौत हो गई.
रसुवा जिले के लांगटांग संरक्षण क्षेत्र में उफनती नदी में बह जाने से कम से कम चार लोग लापता हो गए, और इल्लम, बारा तथा काठमांडू में बा­ढ़ की घटनाओं में एक-एक व्यक्ति लापता हैं.

धौबाजी ने बताया कि लांगंग क्षेत्र में ट्रैकिंग अभियान पर गए 16 लोगों में से चार लोग भी लापता हो गए हैं. नेपाल सेना, नेपाल पुलिस और एपीएफ के जवान बचाव अभियान में शामिल हैं. सुरक्षार्किमयों ने विमान से इल्लम जिले से एक गर्भवती महिला सहित चार लोगों को बचाया और उन्हें धरान नगरपालिका के एक अस्पताल में भर्ती कराया. नेपाल के सात प्रांतों में से पांच प्रांतों में मानसून सक्रिय है जिनमें कोशी, मधेश,बागमती, गण्डकी और लुम्बिनी शामिल हैं.

पड़ोसी देश को मदद की पेशकश करते हुए, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, ”नेपाल में भारी बारिश से हुई जनहानि और क्षति दुखद है. इस कठिन समय में हम नेपाल की जनता और सरकार के साथ हैं.” मोदी ने ‘एक्स’ पर लिखा, ”एक मित्रवत पड़ोसी और प्रथम प्रतिक्रियादाता के रूप में, भारत हरसंभव सहायता प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है.” इस बीच, नेपाल सरकार ने मौसम में सुधार को देखते हुए कुछ वाहनों को काठमांडू आने-जाने की अनुमति दे दी है.

काठमांडू घाटी में रविवार को, पिछले दो दिनों की तुलना में कम बारिश हुई और कुछ राष्ट्रीय राजमार्गों से भूस्खलन के कारण हुई रुकावटें हटा दी गई हैं. एनडीआरआरएमए द्वारा जारी एक बयान में कहा गया, ”मानसून काउंटर कमांड पोस्ट के निर्णय के अनुसार, राष्ट्रीय राजमार्गों के बीच में रुकी आपातकालीन सेवाओं, माल परिवहन, यात्री वाहनों और छोटी दूरी के वाहनों को स्थानीय अधिकारियों के साथ समन्वय में सड़कों की स्थिति को ध्यान में रखते हुए अपने गंतव्य की ओर जाने की अनुमति दी जाएगी.” हलांकि, अगले आदेश तक जोखिम भरी सड़कों और राजमार्गों पर रात में वाहनों का आवागमन प्रतिबंधित कर दिया गया है.

नेपाली अधिकारियों ने शनिवार को लगातार बारिश और अगले तीन दिनों तक भूस्खलन की संभावना के कारण काठमांडू से वाहनों के प्रवेश और निकास पर प्रतिबंध लगा दिया. बागमती और पूर्वी राप्ती नदियों के आसपास के क्षेत्रों के लिए भी रेड अलर्ट जारी किया गया.
अधिकारियों ने बताया कि मानसून के सक्रिय रहने के कारण शुक्रवार रात से काठमांडू और देश के अन्य हिस्सों में लगातार बारिश हो रही है.

खराब मौसम के कारण शनिवार को भी त्रिभुवन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (टीआईए) से घरेलू उड़ानें रोक दी गईं. टीआईए, काठमांडू के महाप्रबंधक हंसा राज पाण्डे ने कहा कि काठमांडू, भरतपुर, जनकपुर, भद्रपुर, पोखरा और तुमलिंगतार से घरेलू उड़ानें अगली सूचना तक रोक दी गई हैं.

भारत हरसंभव सहायता देने के लिए प्रतिबद्ध: प्रधानमंत्री मोदी ने नेपाल में भूस्खलन को लेकर कहा

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने नेपाल में भारी बारिश के कारण हुई जान-माल की क्षति पर रविवार को दुख जताते हुए कहा कि एक मित्र पड़ोसी एवं सबसे पहले मदद देने वाले देश के रूप में भारत हर प्रकार की आवश्यक सहायता प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है. पूर्वी नेपाल के विभिन्न स्थानों पर शनिवार रात से हो रही भारी बारिश की वजह से भूस्खलन और बा­ढ़ के कारण रविवार सुबह तक कम से कम 40 लोग मारे गए हैं और पांच लोग लापता हैं.

नेपाल के राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण ने एक प्रेस विज्ञप्ति में बताया कि इन 40 लोगों में से 37 की मौत शनिवार रात भारी वर्षा के बाद हुए भूस्खलन के कारण कोशी प्रांत के इलम जिले के विभिन्न क्षेत्रों में हुई. प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ”नेपाल में भारी बारिश के कारण हुई जान-माल की क्षति दुखद है. हम इस कठिन समय में नेपाल के लोगों और उसकी सरकार के साथ खड़े हैं.” उन्होंने कहा, ”एक मित्रवत पड़ोसी और सबसे पहले प्रतिक्रिया देने वाले के रूप में भारत आवश्यक सहायता प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है.”

admin

Vedant Bhoomi is a trusted name in the real estate industry, dedicated to crafting sustainable, elegant, and high-quality living spaces. With a deep understanding of design, nature, and community living, we aim to create projects that inspire a harmonious and fulfilling lifestyle.

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button