सियाचिन से लेकर INS विक्रांत तक, सशस्त्र बलों के शीर्ष अधिकारियों ने सैन्यकर्मियों के साथ मनाई दिवाली
नयी दिल्ली. सियाचिन ग्लेशियर की बर्फीली जमीन से लेकर स्वदेशी विमानवाहक पोत आईएनएस विक्रांत तक, भारतीय सेना के शीर्ष अधिकारियों ने देश के कुछ सबसे रणनीतिक स्थानों पर सेना के जवानों, वायुसैनिकों और नौसैनिकों के साथ दिवाली मनाई. काराकोरम पर्वत शृंखला में लगभग 20,000 फुट की ऊंचाई पर स्थित सियाचिन ग्लेशियर दुनिया के सबसे ऊंचे सैन्य क्षेत्र के रूप में जाना जाता है जहां सैनिकों को शीतदंश और तेज गति वाली बर्फीली हवाओं से जूझना पड़ता है.
भारतीय वायुसेना ने सोमवार को ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ”दिवाली के अवसर पर वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल ए. पी. सिंह ने लद्दाख सेक्टर का दौरा किया और क्षेत्र में तैनात भारतीय वायुसेना और भारतीय सेना के जवानों से बातचीत की. उन्होंने चुनौतीपूर्ण ऊंचाई वाली परिस्थितियों में देश की सीमाओं की सुरक्षा के प्रति उनके समर्पण और पेशेवर रवैये की सराहना की और सभी को त्योहार की शुभकामनाएं दीं.” इस पोस्ट में उत्तर भारत के इस प्रमुख सैन्य स्थल पर वायुसेना प्रमुख के दौरे की तस्वीरें भी साझा की गईं. वायुसेना उप प्रमुख एयर मार्शल अवधेश कुमार भारती ने इस महत्वपूर्ण क्षेत्र में सीमाओं की रक्षा कर रहे सैनिकों के साथ त्योहार मनाने के लिए सियाचिन ग्लेशियर का दौरा किया.
अधिकारियों ने बताया कि उन्होंने भारतीय वायुसेना और भारतीय सेना के जवानों से बातचीत की, हालिया अभियानों में उनके योगदान की सराहना की और उन्हें और उनके परिवारों को दिवाली की शुभकामनाएं दीं. एयर मार्शल भारती ने थोइस के पास टेरचे गांव का भी दौरा किया, जहां उन्होंने स्थानीय लोगों से बातचीत की और उन्हें दिवाली की शुभकामनाएं दीं. सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने भी दिवाली की शुभकामनाएं दीं.
भारतीय सेना ने सोमवार को ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ”’प्रकाश और खुशियों का यह त्योहार हमारे जीवन को नए अवसरों से रोशन करे और सफलता का मार्ग प्रशस्त करे. आइए हम अपने सैनिकों के साहस और वीरता तथा अपने बहादुरों के बलिदान को याद करते हुए इस रोशनी के त्योहार का जश्न मनाएं.” सेना ने त्योहार की पूर्व संध्या पर ‘एक्स’ पर एक अन्य पोस्ट में कहा कि जनरल द्विवेदी ने उत्तराखंड के पिथौरागढ़ में पंचशूल ब्रिगेड और कुमाऊं क्षेत्र के अग्रिम इलाकों का दौरा किया और सैन्य टुकड़ियों की परिचालन तैयारियों की समीक्षा की तथा सैनिकों के साथ दिवाली मनाई.
जनरल द्विवेदी ने सभी सैन्यर्किमयों को संबोधित किया और उनसे बातचीत भी की. सेना ने कहा कि उन्होंने चुनौतीपूर्ण इलाकों में तैनात सैनिकों द्वारा प्रर्दिशत उच्च व्यावसायिकता और तत्परता की सराहना की और उनके अटूट समर्पण और असाधारण तैयारी की सराहना की. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने विमानवाहक पोत आईएनएस विक्रांत पर नौसेना र्किमयों के साथ दिवाली मनाई, जिसे उन्होंने ‘आत्मनिर्भर भारत’ का एक विशाल प्रतीक बताया.
उन्होंने रविवार शाम विमानवाहक पोत पर हवाई अभ्यास देखा, सांस्कृतिक संध्या में भाग लिया और नौसेना र्किमयों के साथ ‘बडा खाना’ में हिस्सा लिया. सशस्त्र बलों में खास अवसर पर आयोजित भोज को ‘बड़ा खाना’ कहा जाता है, जब जवानों और अधिकारियों के बीच पद का भेद नहीं होता और सभी साथ खाना खाते हैं. नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के त्रिपाठी भी आईएनएस विक्रांत पर प्रधानमंत्री के साथ मौजूद रहे.
