कांग्रेस के असंतुष्ट नेताओं ने बिहार प्रभारी अल्लावरू खिलाफ किया प्रदर्शन, हटाने की मांग की

पटना. बिहार में कांग्रेस के कुछ असंतुष्ट नेताओं ने प्रदेश मुख्यालय सदाकत आश्रम में बृहस्पतिवार को धरना दिया और पार्टी के बिहार प्रभारी कृष्णा अल्लावरू को तत्काल हटाने की मांग की. इन नेताओं ने आरोप लगाया कि अल्लावरू की वजह से पार्टी की स्थिति बिहार विधानसभा चुनाव में कमजोर हुई है.
इन नेताओं के आरोपों पर अल्लावरू की तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है, हालांकि उनके करीबी सूत्रों का कहना है कि प्रदेश कांग्रेस कमेटी के कार्यालय में प्रदर्शन करने वाले लोग टिकट के अकांक्षी थे और टिकट नहीं मिलने के बाद ”विरोधियों के इशारे पर आधारहीन आरोप लगा रहे हैं.”
प्रदर्शन के दौरान नेताओं ने काली पट्टी बांधकर और ‘टिकट चोर, बिहार छोड़’ लिखी तख्तियां लेकर नारे लगाए.
हाल ही में कांग्रेस के बगावत करने वाले कांग्रेस नेता माधव आनंद ने कहा, “हमारी आवाज राहुल गांधी तक पहुंचे, यही उद्देश्य है. पार्टी में शिकायतों के निवारण का कोई मंच नहीं है, इसलिए हम मीडिया से बात कर रहे हैं.”
उन्होंने दावा किया, “कृष्णा अल्लावरू ने बिहार विधानसभा चुनाव में पार्टी की संभावनाओं को बर्बाद कर दिया है. राहुल गांधी की ‘वोटर अधिकार यात्रा’ से जो माहौल बना था, वह उनकी कार्यशैली से नष्ट हो गया. हम चाहते हैं कि उन्हें तत्काल हटाया जाए ताकि नुकसान की भरपाई का कोई प्रयास किया जा सके.” माधव ने आरोप लगाया, “अगर प्रभारी कोई राजनीतिक व्यक्ति होते जैसे अशोक गहलोत, भूपेश बघेल या रणदीप सुरजेवाला तो स्थिति यहां तक नहीं पहुंचती. लेकिन अल्लावरू राजनीतिक व्यक्ति नहीं हैं. हमें संदेह है कि वह कॉरपोरेट एजेंडा चला रहे हैं, शायद आरएसएस के स्लीपर सेल के रूप में पार्टी में घुसाए गए हैं.”
जब उनसे कहा गया कि अल्लावरू राहुल गांधी के भरोसेमंद सहयोगी माने जाते हैं, तो माधव ने जवाब दिया, “अगर हम किसी को किराये पर घर दें और बाद में पता चले कि वह संदिग्ध व्यक्ति है, तो उसे तुरंत निकाल देना चाहिए.” इधर ‘इंडिया’गठबंधन की संवाददाता सम्मेलन के बाद बाहर निकलने के बाद कांग्रेस के कुछ बागी नेताओं ने अल्लावरू को घेर कर उनके विरोध में नारे लगाए. हालांकि, गाड़ी पर चढ़ने से पहले उन्होंने उन लोगों से हाथ मिलाया.
