योग के नाम पर विद्यार्थियों से ‘नमाज पढ़वाने’ का आरोप, शासकीय विद्यालय का शिक्षक निलंबित
बुरहानपुर/इंदौर. मध्यप्रदेश में बुरहानपुर जिले के एक शासकीय विद्यालय में योग के नाम पर विद्यार्थियों से नमाज पढ़वाने के आरोप को लेकर मचे बवाल के बाद एक प्राथमिक शिक्षक को निलंबित कर दिया गया है. अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी.
कुछ दक्षिणपंथी कार्यकर्ताओं और अभिभावकों का आरोप है कि जिला मुख्यालय से करीब 15 किलोमीटर दूर देव्हारी गांव की शासकीय माध्यमिक विद्यालय के शिक्षक जबूर अहमद तड़वी योग और सूर्य नमस्कार के नाम पर तीसरी, चौथी और पांचवीं कक्षाओं के विद्यार्थियों से नमाज पढ़वाते हैं.
निलंबित शिक्षक ने इस आरोप को सिरे से खारिज करते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है. जिला शिक्षा अधिकारी संतोष सिंह सोलंकी ने बताया कि कुछ अभिभावकों की शिकायत पर जांच और विद्यार्थियों से चर्चा के बाद प्राथमिक शिक्षक तड़वी को कदाचरण के आरोप में निलंबित कर दिया गया है. उधर, तड़वी ने कहा कि उनके खिलाफ लगाए गए आरोप सरासर बेबुनियाद हैं.
उन्होंने कहा,”तय समयसारणी के मुताबिक हमारे विद्यालय में हर रोज सुबह 10:30 से लेकर 11 बजे तक योग की कक्षा होती है. मैं सूर्य नमस्कार की एक किताब के आधार पर इस कक्षा में बच्चों को योग मुद्राओं का अभ्यास कराता हूं.” तड़वी ने कहा कि शिकायतकर्ताओं ने शायद किसी ‘गलतफहमी’ के कारण ऐसा आरोप लगाया है क्योंकि जिसे वे विद्यार्थियों का नमाज पढ़ना बता रहे हैं, वह दरअसल योग के ‘शशांकासन’ की मुद्रा है जिसमें साधक को खरगोश की तरह जमीन पर बैठकर हाथ आगे की ओर ले जाते हुए झुकना होता है.
प्राथमिक शिक्षक ने मांग की,”मेरे खिलाफ लगाए गए आरोपों की निष्पक्ष जांच की जानी चाहिए.” इस बीच, हिंदू जागरण मंच नामक संगठन के जिला संयोजक अजित परदेशी ने बताया कि उन्होंने प्रशासन को तड़वी के खिलाफ शिकायत करके उनकी बर्खास्तगी और कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग की है. परदेशी के मुताबिक शिकायत में प्राथमिक शिक्षक पर आरोप लगाया गया है कि वह सरकारी विद्यालय में योग और सूर्य नमस्कार के नाम पर विद्यार्थियों से नमाज पढ़वाकर उनके धर्मान्तरण का प्रयास कर रहे थे.

