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विपक्ष ने ओडिशा सरकार से महानदी जल विवाद पर विस में समिति की रिपोर्ट रखने को कहा

भुवनेश्वर. ओडिशा में विपक्षी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और कांग्रेस ने मंगलवार को राज्य सरकार से कहा कि वह महानदी मुद्दे पर विशेष चर्चा करने से पहले छत्तीसगढ़ के साथ इस नदी जल विवाद पर दो समितियों की रिपोर्ट विधानसभा में पेश करे. भाजपा के नेता प्रतिपक्ष जयनारायण मिश्रा ने शून्यकाल के दौरान इस मामले को उठाया. उन्होंने कहा कि तब दो समितियां गठित की गई थीं, जब पूरे राज्य ने पड़ोसी राज्य छत्तीसगढ़ द्वारा अवैध रूप से बैराज बनाने और महानदी के पानी के मुक्त प्रवाह को रोकने पर ंिचता व्यक्त की थी. उन्होंने कहा कि इनमें से एक समिति सदन के नेता मुख्यमंत्री ने, जबकि दूसरी विधानसभा अध्यक्ष ने गठित की थी.

मिश्रा ने कहा कि दिसंबर, 2017 में, दो समिति गठित की गई और समितियों ने उन क्षेत्रों का दौरा किया, जहां छत्तीसगढ़ ने बैराज का निर्माण किया था. उन्होंने कहा कि हालांकि, विधानसभा को दोनों समितियों के निष्कर्ष के बारे में जानकारी नहीं है.  विपक्ष के नेता ने यह भी कहा कि न्यायाधिकरण में महानदी जल विवाद मामले की निगरानी के लिए राज्य सरकार द्वारा पांच सदस्यीय कानूनी समिति भी गठित की गई थी. उन्होंने कहा कि सदन जानना चाहेगा कि कितना पैसा खर्च किया गया है और न्यायाधिकरण के कार्यकाल के विस्तार के पीछे क्या कारण है.

कांग्रेस विधायक दल (सीएलपी) के नेता नरंिसह मिश्रा ने सदन में एक प्रस्ताव के माध्यम से महानदी जल विवाद पर विस्तृत चर्चा के लिए नोटिस दिए जाने पर कहा कि हालांकि दो समिति बनायी गई थी, लेकिन कोई बैठक नहीं हुई. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने कहा, ‘‘यह (बैठकें नहीं करना) बताता है कि सरकार जल विवाद को हल करने के लिए कितनी गंभीर है. जल संसाधन मंत्री ने भी विधानसभा अध्यक्ष के आदेश के बावजूद सदन में कोई बयान नहीं दिया है.’’ अध्यक्ष ने, हालांकि, कहा कि मंत्री ने बयान इसलिए नहीं दिया है, क्योंकि सदन में इस मामले पर पूर्ण चर्चा होने की संभावना है.

मिश्रा ने ओडिशा के रहने वाले केंद्रीय जल संसाधन राज्य मंत्री बिशेश्वर टुडू पर भी निशाना साधा. उन्होंने कहा, ‘‘ऐसा समझा जाता है कि राज्य से होने के बावजूद केंद्रीय मंत्री ने इस मामले में हस्तक्षेप नहीं किया है.’’ इससे पहले, सत्तारूढ़ बीजद सदस्यों ने महानदी जल विवाद को लेकर सदन की कार्यवाही ठप कर दी थी और भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार और पूर्ववर्ती संप्रग सरकार पर महानदी जल विवाद को हल नहीं करने का आरोप लगाया था. बीजद विधायक देबी प्रसाद मिश्रा ने भाजपा और कांग्रेस दोनों पर इस मुद्दे को हल करने के लिए ईमानदार नहीं होने का आरोप लगाया.

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