छत्तीसगढ़ के दौरे में राष्ट्रपति ने काफिला रुकवाकर लोगों से मिलीं
बिलासपुर. छत्तीसगढ़ के दो दिवसीय दौरे पर पहुंची राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू शुक्रवार को मंदिर दर्शन के बाद काफिला रुकवाकर वाहन से उतरीं और वहां मौजूद लोगों से मुलाकात की. अधिकारियों ने यह जानकारी दी. अधिकारियों ने बताया कि दौरे के दूसरे दिन राष्ट्रपति ने शुक्रवार को बिलासपुर से लगभग 25 किलोमीटर दूर रतनपुर की प्रसिद्ध मां महामाया शक्तिपीठ में पूजा अर्चना की.
उन्होंने बताया कि जब मुर्मू रतनपुर में दर्शन के बाद बिलासपुर शहर में स्थित गुरू घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में शामिल होने रवाना हुईं तब सड़क किनारे ग्रामीण पुरुष, महिलाएं और बच्चे राष्ट्रपति के काफिले को देखने के लिए मौजूद थे. मीणों को सड़क किनारे देखकर राष्ट्रपति ने काफिले को रुकवाया और वाहन से उतरकर लोगों की भीड़ तक पहुंची तथा हाथ जोड़कर उनका अभिवादन किया. इस दौरान उन्होंने वहां मौजूद बच्चों को चॉकलेट दी.
अधिकारियों ने बताया कि राष्ट्रपति को अचानक अपने बीच पाकर लोगों ने खुशी जाहिर की और वंदे मातरम तथा भारत माता की जय के नारे लगाए. उन्होंने बताया कि जनता से मिलने के बाद राष्ट्रपति विश्वविद्यालय के लिए रवाना हो गईं. अधिकारियों ने बताया कि रतनपुर में मंदिर दर्शन के दौरान राज्यपाल विश्वभूषण हरिचंदन, मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और केंद्रीय जनजाति विकास राज्यमंत्री रेणुका सिंह समेत अन्य मौजूद थे.
ऐतिहासिक और धार्मिक नगरी रतनपुर का गौरवशाली इतिहास रहा है. कलचुरी वंश के शासक रत्नदेव प्रथम ने रतनपुर को अपनी राजधानी बनाया था और यहां आदिशक्ति मां महामाया देवी मंदिर का निर्माण कराया था. यह मंदिर 11वीं शताब्दी में बनवाया गया था. मां महामाया रतनपुर शाखा के कलचुरी वंश के राजाओं की कुलदेवी थी. यहां पर दोनों नवरात्रों में भव्य मेले का आयोजन होता है.
राष्ट्रपति दो दिवसीय छत्तीसगढ़ प्रवास पर बृहस्पतिवार को रायपुर पहुंची थी. बृहस्पतिवार को उन्होंने रायपुर में विभिन्न कार्यक्रमों में हिस्सा लिया था.
बिलासपुर के रतनपुर में मां महामाया का दर्शन करने और यहां के गुरू घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में शामिल होने के बाद वह रायपुर लौट गईं. राष्ट्रपति ने राजधानी रायपुर स्थित राजभवन में जनजातीय समूहों के साथ चर्चा की तथा शाम को दिल्ली के लिए रवाना हो गईं.
