छत्तीसगढ़देशमुख्य समाचार

आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र के निवासियों को शासन की योजनाओं का लाभ मिलता देखकर मिलती है संतुष्टि: प्रधानमंत्री मोदी

सरकार आदिवासी क्षेत्रों में रहने वाले नागरिकों के विकास के लिए प्रतिबद्ध: प्रधानमंत्री मोदी

रायपुर/नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने छत्तीसगढ़ में केंद्र सरकार की योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर प्रसन्नता जाहिर करते हुए कहा कि शासन की योजनाओं का लाभ निचले स्तर पर भी निर्बाध ढंग से पहुंच रहा है, यह जानकर उन्हें काफी संतुष्टि मिली है. आदवासी बाहुल्य क्षेत्र के निवासियों को शासन की योजनाओं का लाभ मिलते हुए देखने पर संतुष्टि मिलती है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विकसित भारत संकल्प यात्रा के तहत छत्तीसगढ़ में आयोजित किए जा रहे शिविरों में योजनाओं की जमीनी हकीकत जानने के लिए आज उत्तर बस्तर कांकेर जिले के हितग्राहियों से वर्चुअल चर्चा कर रहे थे. उत्तर बस्तर कांकेर जिले में आयोजित की जा रही विकसित भारत संकल्प यात्रा के तहत ग्राम मनकेसरी में आयोजित शिविर में योजनाओं के लाभार्थियों को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आदिवासी क्षेत्रों में निवासरत लोगों के जीवन स्तर में सुधार लाने विभिन्न योजनाएं बनाई गई हैं. आम लोगों के विकास के लिए सरकार कटिबद्ध है.

इस दौरान मोदी ने प्रधानमंत्री जनमन योजना का भी जिक्र करते हुए कहा कि उन्हें प्रसन्नता है कि उनकी सरकार को आदिवासी समाज के निचले स्तर पर जाकर काम करने का मौका मिला. विकसित भारत संकल्प यात्रा के तहत ग्राम मनकेसरी में लगाए गए शिविर में ग्राम भानबेड़ा की कु. भूमिका भूआर्य से उन्होंने वर्चुअल चर्चा की. कुमारी भूमिका ने प्रधानमंत्री को बताया कि उनके गांव में 29 समूह हैं और वन धन विकास केंद्र के माध्यम से लघु वनोपज संग्रहण का काम समूह की महिलाओं द्वारा किया जा रहा है, जिसका सभी को लाभ मिल रहा है. महुआ के लड्डू और आंवले का अचार बनाकर बेचा जाता है. मोदी के पूछने पर भूमिका ने बताया कि महुआ के लड्डू बनाकर समूह द्वारा 700 रुपए प्रति किलो की दर से बेचा जाता है.

वर्चुअल संवाद के दौरान हितग्राही कु. भूमिका से प्रधानमंत्री ने पूछा कि और किस चीज के लिए महुए का उपयोग होता है, जिस पर भूमिका सहित मौजूद सभी लोगों के ठहाके से कार्यक्रम स्थल गूंज उठा. प्रधानमंत्री से चर्चा के दौरान भूमिका ने यह भी बताया कि प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना, आयुष्मान भारत, स्वच्छ भारत मिशन, मनरेगा, प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना आदि का भी लाभ मिल रहा है. भूमिका ने बताया कि योजनाओं की जानकारी माता पिता के माध्यम से मिली. उन्होंने यह भी बताया कि वह और उनका छोटा भाई कॉलेज में अध्ययनरत हैं. इस पर प्रधानमंत्री ने भूमिका के जागरूक माता पिता को प्रणाम करते हुए कहा कि उनकी जागरूकता के कारण ही बच्चे उच्च शिक्षा का लाभ ले रहे हैं.

सरकार आदिवासी क्षेत्रों में रहने वाले नागरिकों के विकास के लिए प्रतिबद्ध: प्रधानमंत्री मोदी
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सरकारी योजनाओं की जानकारी रखने के लिए छत्तीसगढ़ की एक आदिवासी महिला की सराहना करते हुए सोमवार को कहा कि केंद्र सरकार आदिवासी क्षेत्रों में रहने वाले नागरिकों के विकास के लिए प्रतिबद्ध है. प्रधानमंत्री वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से ‘विकसित भारत संकल्प यात्रा’ के लाभार्थियों के साथ संवाद कर रहे थे. इस कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री, सांसद, विधायक और स्थानीय स्तर के प्रतिनिधि भी शामिल हुए.

मोदी ने आंध्र प्रदेश के नंदयाला के सईद ख्वाजा मुइहुद्दीन के साथ भी बातचीत की, जो 102 साल पुराने एक सहकारी समूह के सदस्य हैं. मुइहुद्दीन ने प्रधानमंत्री को बताया कि वर्तमान सरकार की पहल के बाद ही, नाबार्ड ने समूह को कृषि बुनियादी ढांचा योजना के तहत भंडारण के लिए तीन करोड़ रुपये के ऋण की पेशकश की. उन्होंने कहा कि इससे समूह पांच गोदाम बनाने में सक्षम हुआ.
प्रधानमंत्री ने 100 से अधिक वर्षों तक एक समूह चलाने के लिए स्थानीय किसानों की भावना को सलाम किया.

उन्होंने कहा, ”मैं देश के किसानों से आग्रह करता हूं कि वे यूरिया और नैनो यूरिया दोनों का उपयोग न करें, जहां भी उपलब्ध हो, नैनो का ही उपयोग करें.” प्रधानमंत्री ने यह भी कहा, ”जब सरकार ‘सबका साथ, सबका विकास’ की भावना के साथ काम करती है तो योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचता है. इसके बाद भी यदि कोई छूट जाता है तो ‘मोदी की गारंटी की गाड़ी’ उस तक लाभ पहुंचा देगी.” उन्होंने कहा कि सरकार कृषि ऋण समितियों (पैक्स) को मजबूत करने के लिए लगातार काम कर रही है और दो लाख भंडारण इकाइयां बनाने की योजना है.

कार्यक्रम के दौरान पंजाब के गुरदासपुर के गुरविंदर सिंह बाजवा ने प्रधानमंत्री को बताया कि विकसित भारत संकल्प यात्रा का सबसे बड़ा लाभ यह है कि कृषि क्षेत्र में सर्वोत्तम संभवित लाभ पाने के लिए किसान छोटे समूहों में संगठित हो गए हैं. उन्होंने प्रधानमंत्री को बताया कि उनका किसानों का समूह हर प्रकार के दुष्प्रभाव से मुक्त खेती पर काम कर रहा है और इसके लिए उन्हें मशीनरी पर सब्सिडी भी मिली है.

उन्होंने बताया, ”इससे छोटे किसानों को पराली प्रबंधन और मिट्टी के स्वास्थ्य में भी मदद मिली.” बाजवा ने प्रधानमंत्री को बताया कि ‘मोदी है तो मुमकिन है’ और इसी वजह से लोगों में बहुत उम्मीदें भी जगी हैं. प्रधानमंत्री ने उनसे कहा कि यह इसलिए संभव होता है क्योंकि किसान उनके अनुरोध को सुनते हैं. उत्तर प्रदेश के गोरखपुर के लक्ष्मी प्रजापति ने प्रधानमंत्री को अपने लक्ष्मी स्वयं सहायता समूह के बारे में बताया जिसमें 12 सदस्य और लगभग 75 सहयोगी शामिल हैं और इनकी सामूहिक वार्षिक आय लगभग 1 करोड़ रुपये है. प्रजापति का परिवार टेराकोटा रेशम के व्यवसाय से जुड़ा है.

पीएम विश्वकर्मा योजना के पीछे के विचार को समझाते हुए, प्रधानमंत्री ने कहा कि यह एक जीवन बदलने वाली योजना है जो सभी कलाकारों और शिल्पकारों को आधुनिक उपकरण और प्रौद्योगिकी प्रदान करती है. आइजोल में जैविक खेती करने वाले किसान शुय्या राल्टे ने प्रधानमंत्री को अदरक, मिजो मिर्च और अन्य सब्जियों के उत्पादन और उन्हें दिल्ली स्थित कंपनियों को अपनी उपज बेचने का उल्लेख किया. उन्होंने बताया कि इससे उनकी आय 20,000 रुपये से बढ़कर 1,50,000 रुपये हो गई. पिछले साल 15 नवंबर को विकसित भारत संकल्प यात्रा की शुरुआत के बाद से ही मोदी ने नियमित रूप से पूरे देश में लाभार्थियों के साथ संवाद किया है.

admin

Vedant Bhoomi is a trusted name in the real estate industry, dedicated to crafting sustainable, elegant, and high-quality living spaces. With a deep understanding of design, nature, and community living, we aim to create projects that inspire a harmonious and fulfilling lifestyle.

Related Articles

Back to top button