ओडिशा की एक कॉलेज छात्रा के आत्मदाह मामले में एबीवीपी नेता समेत दो गिरफ्तार

भुवनेश्वर/बालासोर. ओडिशा अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के एक पदाधिकारी और बालासोर जिले के कॉलेज परिसर में 20 वर्षीय युवती द्वारा आत्मदाह करने का वीडियो बनाने वाले छात्र को सोमवार को आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया. पुलिस ने यह जानकारी दी. एक अधिकारी ने बताया कि गिरफ्तार किए गए दो लोगों में से एक को महिला की योजना के बारे में पता था. छात्रा ने 12 जुलाई को खुद को आग लगा ली और दो दिन बाद यहां एक अस्पताल में उसकी मौत हो गई.
उन्होंने बताया कि गिरफ्तार लोगों की पहचान एबीवीपी के राज्य संयुक्त सचिव शुभ्र संबैत नायक और फकीर मोहन (स्वायत्त) कॉलेज के छात्र ज्योति प्रकाश बिस्वाल के रूप में हुई है. पीड़ित छात्रा इसी कॉलेज में पढ़ती थी. शुरू में छात्रा को बचाने की कोशिश के लिए बिस्वाल की खूब सराहना हुई थी, क्योंकि आग बुझाने की कोशिश में वह झुलस गया था. पीड़िता ने एक प्रोफेसर के खिलाफ यौन उत्पीड़न की शिकायत पर कथित नि्क्रिरयता का आरोप लगाते हुए 12 जुलाई को आत्मदाह कर लिया था.
पुलिस ने बताया कि दोनों को रविवार रात गिरफ्तार किया गया और उन पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 108 (आत्महत्या के लिए उकसाना) और 61(2)(ए) (आपराधिक साजिश) के तहत मामला दर्ज किया गया. घटना में झुलसे बिस्वाल को ठीक होने के बाद हाल में श्रीराम चंद्र भांजा (एससीबी) मेडिकल कॉलेज और अस्पताल से छुट्टी दे दी गई. राज्य सरकार ने पीड़िता को बचाने के उसके ”वीरतापूर्ण” प्रयास के लिए उसकी प्रशंसा की थी.
अधिकारी ने कहा, ”शुरुआत में ऐसा माना गया कि बिस्वाल ने छात्रा को बचाने की कोशिश की थी, लेकिन जांच के दौरान पता चला कि उसे (छात्रा की आत्मदाह की) योजना की जानकारी थी और उसने आत्मदाह की कोशिश का वीडियो अपने मोबाइल से बना लिया था. इस दौरान वह (बिस्वाल) बुरी तरह झुलस गया.” बिस्वाल और नायक को अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया. पुलिस ने बताया था कि छात्रा 95 प्रतिशत तक जल गई थी और 14 जुलाई की रात को अखिल भारतीय आयुर्वज्ञिान संस्थान (एम्स), भुवनेश्वर में उसकी मौत हो गई.
उसने कथित तौर पर पेट्रोल डालकर खुद को आग लगा ली और दावा किया कि कॉलेज के अधिकारी एकीकृत बीएड पाठ्यक्रम के विभागाध्यक्ष (एचओडी) के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं कर रहे हैं, जिन्होंने कथित तौर पर छात्रा को यौन संबंध बनाने के लिए कहा था.
विभागाध्यक्ष समीर कुमार साहू और कॉलेज के प्राचार्य दिलीप घोष को पहले आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था. इन दो छात्र नेताओं की गिरफ्तारियों के साथ इस घटना के सिलसिले में हिरासत में लिये गए लोगों की संख्या बढ़कर चार हो गई है.
गिरफ्तारियों के बाद विपक्षी बीजू जनता दल (बीजद) ने आरोप लगाया कि छात्रा को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के सदस्यों ने आत्महत्या के लिए मजबूर किया. बीजद विधायक गौतम बुद्ध दास ने संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा, ”यह एबीवीपी के राज्य संयुक्त सचिव शुभ्र नायक की गिरफ्तारी से स्पष्ट है.” उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रा सत्तारूढ़ भाजपा द्वारा एबीवीपी नेताओं की मदद से रची गई एक बड़ी साजिश का शिकार हुई है.
दास ने संवाददाताओं से कहा, “हम मांग करते हैं कि बालासोर के भाजपा सांसद प्रताप सारंगी, जिनसे छात्रा ने आत्महत्या करने से पहले मदद मांगी थी, को जांच के दायरे में आना चाहिए.” सारंगी ने तुरंत प्रतिक्रिया व्यक्त की और दास या बीजद से कहा कि यदि वह जिम्मेदार हैं तो उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराएं.
बीजद छात्रसंघ की नेता इप्सिता साहू ने दावा किया, ”महिला के तथाकथित रक्षक ज्योति प्रकाश बिस्वाल भी एबीवीपी से जुड़े हैं. यह एक साजिश थी और छात्रा उसकी शिकार हुई.” कांग्रेस के छात्र और युवा कार्यकर्ताओं ने भी आत्मदाह मामले में शामिल भाजपा और एबीवीपी नेताओं के खिलाफ कार्रवाई की मांग की. इस बीच, एबीवीपी ने एक बयान में दो छात्र नेताओं की गिरफ्तारी की निंदा की.
संगठन की प्रदेश सचिव दीप्तिमयी प्रतिहारी ने कहा, “एबीवीपी इस मामले में पुलिस को पूरा सहयोग देने के लिए तैयार है, लेकिन अगर उसके कार्यकर्ताओं को परेशान किया गया और निर्दोषों को फंसाने की कोशिश जारी रही तो विद्यार्थी परिषद चुप नहीं बैठेगी. ओडिशा पुलिस द्वारा एबीवीपी कार्यकर्ताओं को मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित करने के प्रयासों का कड़ा विरोध किया जाएगा.” एबीवीपी नेता ने कहा, “पीड़िता को बचाने के लिए आगे आने वालों पर कार्रवाई करना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है. अगर ऐसे मामलों में दोषियों को ही अपराधी बना दिया जाएगा, तो कोई भी पीड़ित की मदद के लिए आगे आने से हिचकिचाएगा.”
