नशे में वाहन चलाने वाले ‘आतंकवादी’ की तरह : हैदराबाद के पुलिस आयुक्त
आंध्र प्रदेश बस दुर्घटना में शामिल मोटरसाइकिल पर सवार दोनों लोग नशे में थे: पुलिस
हैदराबाद/कुरनूल. तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद के पुलिस आयुक्त वी. सी. सज्जनार ने पड़ोसी राज्य आंध्र प्रदेश में बस में आग लगने की घटना की पृष्ठभूमि में रविवार को टिप्पणी की कि नशे में वाहन चलाने वाले ”आतंकवादी” की तरह हैं. उन्होंने चेतावनी दी कि शहर में नशे में वाहन चलाते पकड़े जाने वालों को कानून की सख्ती का सामना करना पड़ेगा तथा निर्दोष लोगों की जान को खतरे में डालने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा. आंध्र प्रदेश पुलिस ने रविवार को पुष्टि की कि गत शुक्रवार देर रात बस में कुरनूल में आग लगने की घटना से जुड़े दो बाइक सवार व्यक्ति नशे में थे. इस हादसे में 19 लोगों की मौत हो गई थी.
सज्जनार ने बस में आग लगने की घटना का संदर्भ देते हुए सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट में कहा, ”नशे में वाहन चलाने वाले आतंकवादी होते हैं और उनकी हरकतें हमारी सड़कों पर आतंक से कम नहीं हैं. कुरनूल की भयावह बस दुर्घटना सही मायनों में दुर्घटना नहीं थी. यह रोका जा सकने वाला नरसंहार था. यह नशे में धुत बाइक सवार के लापरवाह और गैरजिम्मेदाराना व्यवहार के कारण हुआ.” पुलिस आयुक्त ने कहा, ”यह कोई सड़क दुर्घटना नहीं थी, बल्कि लापरवाही का एक आपराधिक कृत्य था, जिसने कुछ ही सेकंड में कई परिवारों को खत्म कर दिया.”
उन्होंने कहा, ”बाइक सवार की पहचान बी शिव शंकर के रूप में हुई है और वह शराब के नशे में था. सीसीटीवी फुटेज से स्पष्ट हुआ है कि वह रात 2.24 बजे अपनी मोटरसाइकिल में ईंधन भरवाते देखा गया, उसके कुछ मिनट बाद ही उसने रात 2.39 बजे नियंत्रण खो दिया और टक्कर हो गई. नशे में गाड़ी चलाने के उसके फैसले ने एक क्षण को अकल्पनीय त्रासदी में बदल दिया.” सज्जनार ने दोहराया, ”मैं अपने इस कथन पर दृढ़ता से कायम हूं कि नशे में वाहन चलाने वाले हर मायने में आतंकवादी हैं. वे जीवन, परिवार और भविष्य को नष्ट करते हैं, और ऐसे कृत्यों को कभी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.” उन्होंने कहा कि हैदराबाद पुलिस नशे में गाड़ी चलाने को कतई बर्दाश्त नहीं करने की नीति अपना रही है.
आंध्र प्रदेश बस दुर्घटना में शामिल मोटरसाइकिल पर सवार दोनों लोग नशे में थे: पुलिस
आंध्र प्रदेश पुलिस ने रविवार को पुष्टि की कि बेंगलुरु जा रही बस में आग लगने की घटना में शामिल मोटरसाइकिल पर सवार दोनों व्यक्ति नशे में थे. इस दुर्घटना में 19 बस यात्रियों की मौत हो गई थी. कुरनूल जिले के चिन्ना टेकुरु गांव में 24 अक्टूबर को एक मोटरसाइकिल एक स्लीपर बस के नीचे आ गई थी. बस के टक्कर मारने से पहले ही मोटरसाइकिल एक अन्य हादसे का शिकार हुई थी, जिसमें उस पर सवार एक व्यक्ति की मौत हो गई थी.
टक्कर के बाद मोटरसाइकिल बस के नीचे कुछ दूरी तक घिसटती रही, जिससे उसकी पेट्रोल की टंकी फट गई और बस में आग लग गई.
कुरनूल रेंज के पुलिस उप महानिरीक्षक (डीआईजी) कोया प्रवीण ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ”फॉरेंसिक जांच से पुष्टि हुई है कि मोटरसाइकिल पर सवार दोनों व्यक्ति (शिव शंकर और एरी स्वामी) नशे में थे.” उन्होंने कहा कि हालांकि, पुलिस को पता था कि दोनों नशे की हालत में थे, लेकिन उसने इसकी पुष्टि नहीं की थी, क्योंकि वह फॉरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार कर रही थी.
डीआईजी ने शनिवार रात बताया कि दोनों ने एक ढाबे पर खाना खाया था और स्वामी ने शराब पीने की बात स्वीकार की है. पुलिस के अनुसार, शिव शंकर देर रात करीब दो बजे लक्ष्मीपुरम गांव से स्वामी को तुग्गली गांव छोड़ने के लिए निकला था. कुरनूल के पुलिस अधीक्षक (एसपी) विक्रांत पाटिल ने बताया कि रास्ते में दोनों देर रात दो बजकर 24 मिनट पर पेट्रोल भराने के लिए एक कार शोरूम के पास पेट्रोल पंप पर रुके थे. पेट्रोल पंप पर उनके रुकने का वीडियो सामने आया था, जिसमें शंकर लापरवाही से दोपहिया वाहन चलाते दिख रहा है.
पेट्रोल पंप से रवाना होने के कुछ ही देर बाद दोपहिया वाहन फिसल गया, जिससे शंकर दाहिनी ओर गिरकर डिवाइडर से टकरा गया और उसकी मौके पर ही मौत हो गई. पिछले कुछ दिनों में दक्षिणी राज्य में व्यापक पैमाने पर बारिश हुई है, जिससे सड़कों पर फिसलन है. पाटिल ने बताया कि स्वामी शंकर को सड़क के बीच से खींचकर किनारे पर ले आया और पाया कि उसकी मौत हो चुकी है.
पाटिल ने कहा, ”जब वह मोटरसाइकिल को सड़क से हटाने के बारे में सोच ही रहा था, तभी बस तेजी से आई और दोपहिया वाहन को कुचलते हुए कुछ दूर तक घसीटकर ले गई.” लगातार दो दुर्घटनाएं होने और बस में भीषण आग लगने से स्वामी डर गया और अपने पैतृक गांव तुग्गली चला गया.
बाद में पुलिस स्वामी को लेकर आई और इस भयावह दुर्घटना के महत्वपूर्ण विवरण का पता लगाने के लिए उससे पूछताछ की.
इसके अलावा, हादसे के समय बस चला रहे 42 वर्षीय मिरियाला लक्ष्मैया ने पुलिस को बताया कि उसे ह्लमोटरसाइकिल बिल्कुल पास आने तक दिखाई नहीं दी.ह्व डीआईजी ने लक्ष्मैया के बयान के आधार पर बताया, ह्लचालक का कहना है कि वहां दृश्यता बहुत कम थी. मोटरसाइकिल के बिल्कुल पास आने तक उसे कुछ दिखाई नहीं दिया. आवाज सुनते ही उसने तुरंत ब्रेक लगाया और बस को किनारे रोक दिया.” लक्ष्मैया ने पुलिस को बताया, ह्लजब मैंने बस को पीछे किया, तो उसमें आग लग गई. उसके बाद मैं आग के बीच से ही नीचे उतरा और सहायक चालक शिवा नारायण को जगाया.ह्व पुलिस ने बताया कि हादसे के बाद घबराया लक्ष्मैया वहां से भाग गया.
सहायक चालक के बयान के मुताबिक, चालक की तरफ वाला दरवाजा जाम हो गया था और यात्री दरवाजा भी आग की लपटों में घिरा था. नारायण ने पुलिस को बताया कि उसने सबसे पहले आपातकाल वाला दरवाजा तोड़ा.
डीआईजी ने कहा कि इस बीच, नारायण ने एक तेज धमाके की आवाज सुनी और उसे लगा कि शायद टायर फट गया है, लेकिन असल में वह बैटरियों के धमाके की आवाज थी. बाद में, नारायण ने लोहे की रॉड से बस की कई खिड़कियां तोड़ीं और 19 यात्री किसी तरह बस से बाहर निकल पाए. डीआईजी ने पहले बताया था कि यात्री दरवाजे के पीछे लगी दो 12 केवी की बैटरियों में हुए धमाके की वजह से बस में भीषण आग लगी थी.
आंध्र में बस में आग लगने की घटना के बाद तेलंगाना में निजी बसों पर कार्रवाई जारी, 14 मामले दर्ज
तेलंगाना में परिवहन अधिकारियों ने रविवार को सुरक्षा और उपयुक्तता मानदंडों के उल्लंघन के लिए निजी बसों पर अपनी कार्रवाई जारी रखी. परिवहन विभाग के एक अधिकारी ने ‘पीटीआई भाषा’ को बताया कि अपर्याप्त सुरक्षा उपायों के लिए 14 मामले दर्ज किए गए और 46,000 रुपये का जुर्माना वसूला गया.
पड़ोसी राज्य आंध्र प्रदेश में 24 अक्टूबर को बस में आग लगने की घटना के बाद शनिवार सुबह निरीक्षण की यह कार्यवाही शुरू की गयी. इस बस हादसे में 19 लोगों की मौत हो गई थी. हैदराबाद से प्रतिदिन लगभग 500 अंतरराज्यीय निजी बसें संचालित की जाती हैं.
तेलंगाना के परिवहन मंत्री पोन्नम प्रभाकर ने कहा था कि वह बड़े पैमाने पर अंतरराज्यीय यातायात के बीच बस दुर्घटनाओं को रोकने के उपाय तैयार करने के लिए आंध्र प्रदेश और कर्नाटक के अपने समकक्षों से मिलेंगे. उन्होंने निजी बस संचालकों को चेतावनी दी कि यदि वे वाहन की उपयुक्तता बनाए रखने और वैधानिक नियमों का पालन करने में विफल रहे तो उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी.

